गयाजी में बड़ी आपराधिक साजिश नाकाम: हथियार और कारतूस के साथ 3 अपराधी गिरफ्तार
गया जिले के कोंच थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए सशस्त्र अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। कोच थानाध्यक्ष ने पुलिस बल के साथ मौके पर छापेमारी करते हुए घेराबंदी कर तीन को मौके पर ही दबोच लिया गया
गया जिले के कोंच थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए सशस्त्र अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। 10 मार्च 2026 को पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि ग्राम कैलाशपुर नहर पुल के पास पाँच अपराधी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की नीयत से इकट्ठा हुए हैं। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार, थानाध्यक्ष ने पुलिस बल के साथ मौके पर छापेमारी की। पुलिस को देखते ही अपराधियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी कर तीन को मौके पर ही दबोच लिया गया, जबकि दो अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
अवैध हथियार और जिंदा कारतूस बरामद
गिरफ्तार अभियुक्तों की तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके पास से घातक हथियार बरामद किए हैं। अपराधियों के पास से 01 देशी कट्टा और 04 जिंदा कारतूस जब्त किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, ये अपराधी किसी गंभीर वारदात को अंजाम देने के लिए हथियारों के साथ एकत्र हुए थे। इस बरामदगी ने क्षेत्र में होने वाली संभावित हिंसा या लूट की घटना को टाल दिया है। पुलिस अब हथियारों के स्रोत का पता लगाने में जुटी है कि ये अवैध हथियार कहाँ से खरीदे गए थे।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान और आपराधिक इतिहास
पकड़े गए अपराधियों की पहचान रविन्द्र यादव (कोंच, गया), दिनेश कुमार यादव (टिकारी, गया) और श्याम बिंद (मानिकपुर, अरवल) के रूप में हुई है। पुलिस इन तीनों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को खंगाल रही है ताकि इनके गिरोह के नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। शुरुआती जांच में यह संगठित गिरोह लग रहा है, जिसके तार गया और अरवल दोनों जिलों से जुड़े हुए हैं। इस गिरफ्तारी से अंतर-जिला अपराध सिंडिकेट पर चोट पहुँचने की उम्मीद है।
पुलिस का सख्त संदेश और अग्रतर कार्रवाई
इस मामले में कोंच थाना कांड संख्या-64/26 दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वरीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध हथियार रखने वालों और तस्करी करने वालों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा। फरार दो अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम छापेमारी कर रही है। पुलिस का मानना है कि इस प्रभावी कार्रवाई से स्थानीय अपराधियों का मनोबल टूटेगा और शांति व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।