पेपरलेस जमीन रजिस्ट्री और शुल्क वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, सरकार से फैसला वापस लेने की मांग

बिहार में नई पेपरलेस जमीन रजिस्ट्री व्यवस्था और रजिस्ट्री शुल्क में की गई बढ़ोतरी के खिलाफ पूरे राज्य में डीड राइटर और मुंशी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे है। इधर गयाजी में डीड राइटर के इस आंदोलन को कांग्रेस ने समर्थन दिया है.....

पेपरलेस जमीन रजिस्ट्री और शुल्क वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस का
पेपरलेस जमीन रजिस्ट्री और शुल्क वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन- फोटो : प्रेम

Gayaji : बिहार सरकार द्वारा 17 अगस्त 2026 से लागू की गई नई पेपरलेस जमीन रजिस्ट्री व्यवस्था और रजिस्ट्री शुल्क में की गई बढ़ोतरी के खिलाफ पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। विभिन्न रजिस्ट्री कार्यालयों में डीड राइटर और मुंशी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। इस आंदोलन को समर्थन देते हुए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार से जनविरोधी फैसलों को तत्काल वापस लेने की जोरदार मांग की है।


गयाजी रजिस्ट्री कार्यालय में धरनास्थल पर पहुंचे कांग्रेस नेता

गयाजी स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में चल रहे धरने को समर्थन देने के लिए जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष रजनीश कुमार झुन्ना और बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि विजय कुमार मिट्ठू धरना स्थल पहुंचे। उनके साथ पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला उपाध्यक्ष युगल किशोर सिंह, विद्या शर्मा और टिंकू गिरी समेत कई अन्य नेता भी मौजूद रहे। नेताओं ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए नई नीति को पूरी तरह अव्यावहारिक बताया।


डीड राइटरों के सामने रोजगार का संकट और आम जनता की परेशानी

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अचानक पेपरलेस रजिस्ट्री लागू किए जाने से राज्य भर के हजारों डीड राइटरों और मुंशियों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के किसान, मजदूर और आम लोग डिजिटल हस्ताक्षर, ओटीपी और ऑनलाइन प्रक्रियाओं से पूरी तरह वाकिफ नहीं हैं। इस तकनीकी जटिलता के कारण जमीन की खरीद-बिक्री की प्रक्रिया बेहद कठिन और पीड़ादायक बन गई है।


बढ़े हुए रजिस्ट्री शुल्क और साइबर धोखाधड़ी का बढ़ा खतरा

नेताओं ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्री शुल्क में बढ़ोतरी करके सरकार ने आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है, जिससे गरीब किसानों के लिए जमीन की रजिस्ट्री कराना काफी महंगा हो गया है। साथ ही, तकनीकी जानकारी की कमी के कारण ग्रामीण इलाकों के सीधे-साधे लोगों के साइबर धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का शिकार होने का खतरा भी काफी बढ़ गया है।


सरकारी राजस्व का नुकसान और चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इस अव्यवहारिक व्यवस्था से रजिस्ट्री कार्यालयों का कामकाज ठप हो गया है, जिससे सरकार को भी भारी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार जनहित में इस नई व्यवस्था और शुल्क वृद्धि को तुरंत रद्द करे। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द फैसला वापस नहीं लिया, तो कांग्रेस पार्टी पूरे राज्य में चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी।


प्रेम की रिपोर्ट