सारण में खाद की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई: 6 दुकानों के लाइसेंस रद्द, 22 से स्पष्टीकरण तलब

सारण जिले में खाद की किल्लत पैदा करने वालों पर जिला प्रशासन का डंडा चला है। वहीं इस मामले में प्रखंड कृषि पदाधिकारियों और समन्वयकों पर भी गाज गिरी है। विभाग ने जहां कई दुकानों के लाइसेंस रद्द कर दिए है। वहीं पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है....

सारण में खाद की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई: 6 दुकानों के ला

Chapra : सारण जिले में खाद की कृत्रिम किल्लत पैदा करने और नियमों के विरुद्ध भंडारण करने वाले उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला कृषि विभाग ने जिले के छह प्रमुख खाद प्रतिष्ठानों का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। साथ ही, 22 अन्य प्रतिष्ठानों से 'कारण बताओ' नोटिस (शो-कॉज) जारी कर जवाब मांगा गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई से खाद माफियाओं और कालाबाजारी करने वालों में हड़कंप मच गया है।


जिन प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं, उनमें मेसर्स ओम ट्रेडर्स (नेवाजी टोला), मेसर्स दुर्गा एजेंसी (एकमा), मेसर्स महाकाल कृषि एंड खाद (मशरख), मेसर्स बाबा खाद बीज भंडार (मशरख), मेसर्स दाउदपुर के.एस.एस.एस.एस.के. (मांझी) और थोक विक्रेता मेसर्स न्यू कृषि केंद्र (नेवाजी टोला) शामिल हैं। जाँच में पाया गया कि इन दुकानों ने पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष तय मानक से कहीं अधिक यूरिया और डीएपी की बिक्री दिखाई थी, जो जमाखोरी और कालाबाजारी की ओर इशारा करता है।


प्रशासन की कार्रवाई केवल दुकानदारों तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी शिकंजा कसा गया है। जाँच में शिथिलता बरतने के आरोप में संबंधित प्रखंड कृषि पदाधिकारी (BAO) और कृषि समन्वयक-सह-उर्वरक निरीक्षकों से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि उर्वरक के वितरण में किसी भी स्तर पर कोताही या मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमित निगरानी के लिए जिला स्तर पर विशेष छापामारी दल का गठन किया गया है।


कृषि विभाग ने आंकड़ों के जरिए स्पष्ट किया है कि सारण जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। खरीफ सीजन 2026 के लिए जिले में वर्तमान में 11,386.65 मीट्रिक टन यूरिया, 3,504.25 मीट्रिक टन डीएपी सहित पर्याप्त मात्रा में एनपीके, पोटाश और एसएसपी उपलब्ध है। अधिकारियों ने कहा कि कुछ दुकानदार मुनाफाखोरी के चक्कर में जानबूझकर किल्लत का भ्रम पैदा कर रहे हैं, जिन्हें चिन्हित कर जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।


जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में निर्धारित मूल्य से अधिक भुगतान न करें। यदि कोई दुकानदार उर्वरक की जमाखोरी करता है या अधिक कीमत वसूलता है, तो इसकी शिकायत जिला हेल्प डेस्क नंबर 06152-248042 या संबंधित प्रखंड कृषि पदाधिकारी से तुरंत करें। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए छापेमारी अभियान और तेज किया जाएगा।


संजय की रिपोर्ट