Bihar Chhapra: स्केटिंग के सहारे देश घूमने निकले बिहार के दो दोस्त, युवाओं को देंगे फिटनेस का संदेश
Bihar Chhapra: बिहार के बेतिया निवासी शेख अजमुल और सीवान के नजरे आलम स्केटिंग के सहारे देश भ्रमण पर निकले हैं। दोनों युवाओं का उद्देश्य फिटनेस, अनुशासन और राष्ट्रीय एकता का संदेश देना है।
Bihar Chhapra: हौसला मजबूत हो तो मुश्किल रास्ते भी आसान हो सकते हैं। इसी सोच के साथ बिहार के दो दोस्त स्केटिंग के सहारे देश घूमने निकले हैं। पश्चिम चंपारण के बेतिया निवासी शेख अजमुल और सीवान जिले के महाराजगंज निवासी नजरे आलम ने इस यात्रा के जरिए युवाओं को फिटनेस, अनुशासन और राष्ट्रीय एकता का संदेश देने का संकल्प लिया है।
दोनों युवाओं का उद्देश्य केवल अलग-अलग शहरों तक पहुंचना नहीं है, बल्कि देश की संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक स्थलों को करीब से जानना भी है। आमतौर पर लंबी दूरी तय करने के लिए लोग बस, ट्रेन या दूसरे वाहनों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इन दोनों दोस्तों ने स्केटिंग को अपनी यात्रा का माध्यम बनाया है।
मांझी की मियां पट्टी पहुंचे दोनों दोस्त
शनिवार की शाम दोनों दोस्त सारण जिले के मांझी नगर पंचायत स्थित मियां पट्टी पहुंचे। यहां उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात की और अपनी यात्रा के बारे में जानकारी दी। स्केटिंग के सहारे देश घूमने की उनकी योजना को जानकर लोग उत्सुक नजर आए। बेतिया के शेख अजमुल और सीवान के नजरे आलम की यह पहल आसपास के इलाके में चर्चा का विषय बन रही है। दोनों का मानना है कि लगातार मेहनत, अभ्यास और आत्मविश्वास के सहारे किसी भी लक्ष्य की ओर आगे बढ़ा जा सकता है।
देश की संस्कृति और विरासत को जानना है मकसद
दोनों दोस्त देश के अलग-अलग राज्यों और प्रमुख शहरों की यात्रा करना चाहते हैं। इस दौरान वे वहां की भाषा, रहन-सहन, खानपान, परंपराओं और ऐतिहासिक धरोहरों को करीब से समझने की कोशिश करेंगे। उनकी यात्रा की योजना में अजमेर शरीफ शामिल नहीं है। दोनों युवाओं की कोशिश है कि यात्रा के दौरान मिलने वाले अनुभवों को लोगों के साथ साझा किया जाए, ताकि देश की विविधता और अलग-अलग संस्कृतियों के बारे में लोगों को जानने का मौका मिले।
युवाओं को फिटनेस और अनुशासन का देंगे संदेश
इस यात्रा का एक प्रमुख उद्देश्य युवाओं को फिट रहने के लिए प्रेरित करना है। दोनों दोस्त स्केटिंग को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि नियमित अभ्यास, शारीरिक सक्रियता, संतुलन और अनुशासन से जुड़ी गतिविधि मानते हैं। उनका संदेश है कि किसी भी लक्ष्य को पूरा करने के लिए मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति जरूरी है। वे अपनी यात्रा के जरिए युवाओं को शारीरिक गतिविधियों को रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल करने के लिए प्रेरित करना चाहते हैं।
दोस्ती से शुरू हुई अनोखी मुहिम
शेख अजमुल और नजरे आलम की यह यात्रा दोस्ती और साझा सोच का उदाहरण है। दोनों चाहते हैं कि स्केटिंग के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों को देखें और लोगों के बीच आपसी जुड़ाव का संदेश पहुंचाएं। भारत में भाषा, खानपान और परंपराओं की विविधता है। ऐसे में दोनों युवाओं की यात्रा उन्हें अलग-अलग लोगों से मिलने और नए अनुभव हासिल करने का मौका दे सकती है। अब देखना होगा कि स्केटिंग के सहारे शुरू हुआ उनका यह सफर किन-किन राज्यों और शहरों तक पहुंचता है।
छपरा से रस्तोगी की रिपोर्ट