त्योहार पर घर लौट रही महिला ने ट्रेन में दिया बच्चे को जन्म: बक्सर स्टेशन पर रेलवे डॉक्टरों ने संभाला मोर्चा, सुरक्षित हुआ प्रसव

त्योहार पर घर लौट रही महिला ने ट्रेन में दिया बच्चे को जन्म:
महिला ने ट्रेन में दिया बच्चे को जन्म- फोटो : संदीप वर्मा

Buxar : दशहरे के पावन अवसर पर अपने घर लौट रहे एक परिवार के लिए अहमदाबाद-बरौनी एक्सप्रेस का सफर जीवन भर की सबसे खूबसूरत और यादगार घटना बन गया। महाअष्टमी के दिन ट्रेन के एस-2 कोच में सफर कर रही एक गर्भवती महिला को अचानक गंभीर प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। ट्रेन में मौजूद यात्रियों के बीच अफरा-तफरी और चिंता का माहौल बन गया था, लेकिन जैसे ही बक्सर रेलवे स्टेशन पर इसकी सूचना पहुंची, रेलवे प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई। रेलवे अस्पताल के चिकित्सक डॉ. हरिओम पाठक और उनकी मेडिकल टीम ने सूझबूझ दिखाते हुए ट्रेन की बोगी में ही सुरक्षित प्रसव कराया, जिससे महिला ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया।


डीडीयू से आगे बढ़ते ही बिगड़ी स्थिति, स्टेशन प्रबंधक की सूझबूझ से मिली मदद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गाड़ी संख्या 19483 (अहमदाबाद-बरौनी एक्सप्रेस) से सूरत की एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करने वाले व्यक्ति अपनी 25 वर्षीय पत्नी के साथ अपने पैतृक घर लौट रहे थे। दोनों एस-2 कोच में यात्रा कर रहे थे। जैसे ही ट्रेन पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन (डीडीयू) से आगे बढ़ी, महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसे तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। आपात स्थिति को भांपते हुए यात्रियों और परिजनों ने रेलवे प्रशासन को तुरंत सूचित किया। बक्सर रेलवे स्टेशन के स्टेशन प्रबंधक रजत सक्सेना ने मामले की गंभीरता को समझते हुए बिना देर किए तत्काल चिकित्सीय टीम को प्लेटफॉर्म पर तैनात कर दिया।


डॉक्टर हरिओम पाठक की तत्परता से बोगी में ही हुआ सफल प्रसव

जैसे ही ट्रेन बक्सर रेलवे स्टेशन पर रुकी, रेलवे अस्पताल के चिकित्सक डॉ. हरिओम पाठक अपनी टीम के साथ तुरंत संबंधित एस-2 कोच में पहुंचे। चिकित्सकीय टीम ने बिना एक पल गंवाए महिला की नाजुक स्थिति का आकलन किया और मौके पर ही जरूरी प्रक्रिया पूरी कराई। डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ की मुस्तैदी से ट्रेन की बोगी के भीतर ही महिला ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। इस सफल प्रसव के बाद चिकित्सकों ने मां और नवजात दोनों को आवश्यक प्रारंभिक चिकित्सीय सहायता और देखभाल प्रदान की। इस पूरी प्रक्रिया के चलते अहमदाबाद-बरौनी एक्सप्रेस बक्सर स्टेशन पर करीब आधे घंटे तक रुकी रही और स्थिति सामान्य होने के बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया।


डॉक्टरों ने दी बेहतर इलाज की सलाह, रेलवे नियमों के तहत मिलेगा पास का लाभ

प्रसव के बाद चिकित्सक डॉ. हरिओम पाठक ने दंपती को सलाह दी कि वे जज्बात में आकर सफर जारी रखने के बजाय बक्सर में ही उतर जाएं ताकि मां और नवजात की बेहतर चिकित्सकीय निगरानी हो सके। हालांकि, दंपती ने अपनी इच्छा से गांव जाने की बात कही, जिसके बाद उन्हें सभी जरूरी चिकित्सकीय परामर्श और दवाइयां मुहैया कराई गईं। डॉक्टर ने बताया कि भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार ट्रेन में जन्म लेने वाले बच्चे को वयस्क होने तक ट्रेन में मुफ्त यात्रा के लिए पास दिए जाने का प्रावधान है। महाअष्टमी के दिन सफर के दौरान इस नन्हे मेहमान के आगमन ने परिवार की दीपावली और दशहरे की खुशियों को कई गुना बढ़ा दिया, वहीं रेलवे कर्मियों की तत्परता की हर तरफ सराहना हो रही है।


संदीप की रिपोर्ट