विक्रमशिला सेतु की 'फॉल्स वॉल' गिरने से हड़कंप: डीएम बोले—पुल सुरक्षित, जांच के लिए बुलाई गई एक्सपर्ट टीम; पूर्व विधायक अजीत शर्मा ने उठाए सवाल

भागलपुर के विक्रमशिला सेतु की फॉल्स वॉल गिरने से हड़कंप। डीएम ने पुल को सुरक्षित बताया, जबकि अजीत शर्मा ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया।

विक्रमशिला सेतु की 'फॉल्स वॉल' गिरने से हड़कंप: डीएम बोले—पु

Bhagalpur - : भागलपुर के विक्रमशिला सेतु के नीचे एक फॉल्स दीवार गिरने के बाद सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने पुल को पूरी तरह सुरक्षित बताया है, जबकि कांग्रेस के पूर्व विधायक ने बिहार सरकार और निर्माण एजेंसी की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया है।

सेतु के स्ट्रक्चर को खतरा नहीं: डीएम

भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने मामले को संज्ञान में लेते हुए स्पष्ट किया है कि विक्रमशिला सेतु के मुख्य ढांचे (Structure) में किसी प्रकार की खराबी नहीं आई है। उन्होंने बताया कि कार्यपालक अभियंता को मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने कहा कि विभाग से परामर्श कर एक एक्सपर्ट टीम भी बुलाई जा रही है, जो पुल की तकनीकी जांच करेगी। एक्सपर्ट रिपोर्ट के आधार पर ही भविष्य में यातायात या अन्य सुधारों पर निर्णय लिया जाएगा।

क्या है 'फॉल्स वॉल' का मामला?

पुल निर्माण निगम के वरीय परियोजना अभियंता श्री ज्ञान चंद्र दास के अनुसार, पुल निर्माण के दौरान पानी के दबाव को नियंत्रित करने के लिए 'फॉल्स वॉल' (अस्थायी दीवार) बनाई जाती है। काम पूरा होने के बाद इसे तोड़ दिया जाना चाहिए था, लेकिन किसी कारणवश ऐसा नहीं हो सका। अब वही पुरानी दीवार गिर गई है। उन्होंने साफ किया कि यह दीवार पुल का मुख्य हिस्सा नहीं है और जो भी जर्जर दीवारें बची हैं, उन्हें जल्द ही तोड़कर हटा दिया जाएगा।

अजीत शर्मा ने बोला हमला: "लाखों की जान खतरे में"

वहीं, भागलपुर के पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता अजीत शर्मा ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विक्रमशिला सेतु भागलपुर, पूर्णिया और सहरसा जैसे जिलों की 'लाइफलाइन' है। पिछले दो सालों से एक्सपेंशन जॉइंट की समस्या और अब प्रोटेक्शन वॉल के गिरने से पुल पर खतरा बढ़ गया है। शर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भागलपुर आए, लेकिन उन्होंने इस महत्वपूर्ण पुल की सुध नहीं ली।

ठेकेदार और विभाग पर सवाल

अजीत शर्मा ने सुल्तानगंज पुल हादसे का जिक्र करते हुए कहा कि उसी कंपनी (एसपी सिंगला) द्वारा समानांतर पुल का निर्माण कराया जा रहा है, जिसकी गति बेहद धीमी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण के कारण पुराना पुल ध्वस्त होने की कगार पर है, जिससे लाखों लोगों की जान जा सकती है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि दोषी अधिकारियों और ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

रिपोर्ट- अंजनी कुमार कश्यप