Bihar News : भागलपुर में स्कूल जा रहे तीन बच्चों के अपहरण का आरोप, चंगुल से भागकर एक मासूम ने खुद को बचाया
Bihar News : भागलपुर में स्कूल जा रहे तीन बच्चों के अपहरण का मामला सामने आया है. हालाँकि एक बच्चे ने भागकर अपनी जान बचा ली......पढ़िए आगे
BHAGALPUR : बिहार के भागलपुर जिले से रोंगटे खड़े कर देने वाली एक घटना सामने आई है, जहाँ रसलपुर थाना क्षेत्र में स्कूल जा रहे तीन सगे भाइयों के अपहरण का सनसनीखेज आरोप लगा है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और अभिभावकों के बीच अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भारी चिंता व्याप्त हो गई है।
नकाबपोश और गाड़ियों का तांडव
मिली जानकारी के अनुसार, घोघा थाना क्षेत्र के निवासी राजेश कुमार के तीन पुत्र रोजाना की तरह अपने घर से स्कूल के लिए निकले थे। रास्ते में घात लगाए बैठे अपराधियों ने फिल्मी अंदाज में इस वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित बच्चों के अनुसार, एक बुलेट बाइक और एक स्कॉर्पियो गाड़ी अचानक उनके पास आकर रुकी। आरोप है कि गाड़ी में सवार अज्ञात लोगों ने बच्चों को नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया और उन्हें जबरन अपने साथ ले उड़े।
किडनैपर्स की कैद से फिल्मी स्टाइल में भागा राहुल
अपहृत बच्चों में से एक, राहुल कुमार ने अपनी आपबीती सुनाते हुए सबको चौंका दिया। राहुल ने बताया कि उसे रसलपुर थाना क्षेत्र के एक हाई स्कूल के पास स्थित एक घर में बंधक बनाकर रखा गया था। उसका दावा है कि उस ठिकाने पर और भी कई बच्चे मौजूद थे, जिन्हें संभवतः इसी तरह अगवा किया गया था। राहुल ने हिम्मत नहीं हारी और मौका मिलते ही वह किडनैपर्स के चंगुल से भाग निकला। भागते समय उसने अपनी सूझबूझ से एक अन्य बच्चे को भी वहाँ से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
पुलिसिया कार्रवाई
हालाँकि भागलपुर पुलिस की ओर से बताया गया की 19.02.2026 को सूचना मिली कि पाकिसराय गांव में रहने वाले तीन बच्चे - राहुल, गोलू और गुलशन (पिता: राजेश कुमार) - जो अमापुर स्कूल जा रहे थे, उन्हें कथित तौर पर पाकिसराय में पीर बाबा मंदिर के पास एक काली स्कॉर्पियो गाड़ी में तीन व्यक्तियों द्वारा अगवा कर लिया गया और एकचारी के एक घर में रखा गया। मिली जानकारी के अनुसार, बच्चे स्वयं ही स्कूल से चले गए और दोपहर लगभग 1 बजे वापस स्कूल पहुंचे और स्कूल प्रबंधन को घटना के बारे में सूचित किया। इसके बाद स्कूल ने परिवार के सदस्यों और पुलिस को सूचित किया। सूचना की पुष्टि करने की प्रक्रिया में, पुलिस ने एकचारी में उल्लिखित घर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि संबंधित मकान गांव के बीचोंबीच स्थित है और उसके आसपास अन्य आवासीय मकान भी हैं। घर बाहर से बंद पाया गया, जो धूल से ढका हुआ था, और प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता था कि इसे लंबे समय से खोला नहीं गया था। आस-पास के स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन किसी ने भी उस दौरान स्कॉर्पियो वाहन की आवाजाही की पुष्टि नहीं की। इसके अलावा, सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा करने पर, सुबह 9:00 बजे से 11:00 बजे के बीच किसी काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी की आवाजाही का कोई सबूत नहीं मिला। बच्चों से पूछताछ के दौरान उनके बयानों में विरोधाभास पाए गए। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि बच्चे खेलने के उद्देश्य से कहीं गए थे और घर पर डांट पड़ने के डर से अलग-अलग बातें बता रहे थे।
बालमुकुन्द की रिपोर्ट