Bihar News: सेप्टिक टैंक बना मौत का कुआं,जहरीली गैस से 3 मजदूरों की दम घुटकर मौत, इलाके में हाहाकार
शौचालय के सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन मजदूरों की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। इस हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।..
Bihar News: शौचालय के सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन मजदूरों की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। इस हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत कदवा थाना क्षेत्र के खैरपुर कदवा गांव में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गम और सदमे में डुबो दिया।
जानकारी के मुताबिक, घटना सुबह करीब 8:30 बजे ज्वाला यादव के घर की है, जहां टंकी की सफाई के लिए मजदूरों को बुलाया गया था। जैसे ही एक मजदूर टैंक के अंदर उतरा, वह जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गया। उसे बचाने के लिए दूसरा और फिर तीसरा मजदूर अंदर गया, लेकिन वे भी उसी गैस के असर से अचेत होकर गिर पड़े। देखते ही देखते तीनों की सांसें थम गईं।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब स्थिति बिगड़ती देख एक अन्य व्यक्ति ने शोर मचाया, तो ग्रामीण मौके पर जुटे और टंकी की दीवार तोड़कर तीनों मजदूरों को बाहर निकाला गया। आनन-फानन में उन्हें नवगछिया अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की पहचान लछमिनिया गांव निवासी बम-बम मंडल, जननदन मंडल और श्रीलाल मंडल के रूप में हुई है। तीनों अपने परिवार के कमाने वाले सदस्य थे, जिनकी मौत ने उनके घरों की खुशियां उजाड़ दीं।घटना की सूचना मिलते ही कदवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। एसडीपीओ ओमप्रकाश, डीसीएलआर शैलेन्द्र सिंह सहित कई प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल और अस्पताल पहुंचे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी, वहीं जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी।
यह हादसा एक बार फिर उस कड़वी सच्चाई को उजागर करता है कि सेप्टिक टैंक की सफाई जैसे खतरनाक कार्य में अब भी सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। बिना गैस जांच और सुरक्षा उपकरण के मजदूरों को टैंक में उतारना सीधा मौत को दावत देने जैसा है।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए और इस लापरवाही के जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई हो। अब सवाल यह है—क्या इस दर्दनाक हादसे के बाद सिस्टम जागेगा, या फिर ऐसी घटनाएं यूं ही जिंदगियां लीलती रहेंगी?
रिपोर्ट – अंजनी कुमार कश्यप