Samriddhi Yatra: सम्राट चौधरी बनने वाले हैं अगला CM! नीतीश की उपस्थिति में मंच से हुई घोषणा ने बढ़ाई हलचल

Samriddhi Yatra: नीतीश की उपस्थिति में मंच से निकली एक आवाज ने पूरे माहौल को चर्चा और कयासों की आग में झोंक दिया।सियासी गलियारों में कानाफूसी से लेकर खुली बहस तक शुरू हो गई।

Samrat Choudhary Next CM
सम्राट चौधरी बनने वाले हैं अगला CM! - फोटो : reporter

Samriddhi Yatra: भागलपुर से समृद्धि यात्रा की शुरुआत के साथ ही बिहार की सियासत में एक नया सियासी तूफ़ान खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यक्रम में सब कुछ तय स्क्रिप्ट के मुताबिक चल रहा था, लेकिन मंच से निकली एक आवाज़ ने पूरे माहौल को चर्चा और कयासों की आग में झोंक दिया। एंकर की एक ‘ज़ुबानी फिसलन’ ने ऐसा रंग दिखाया कि सियासी गलियारों में कानाफूसी से लेकर खुली बहस तक शुरू हो गई।

दरअसल, कार्यक्रम के दौरान जब बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को संबोधन के लिए बुलाया गया, तो पहले उन्हें उपमुख्यमंत्री कहा गया। लेकिन जैसे ही वो माइक की तरफ बढ़े, एंकर ने उन्हें मुख्यमंत्री कहकर पुकार दिया। बस, यहीं से सियासी तापमान चढ़ गया। मंच पर मौजूद चेहरों पर भले ही सुकून दिखा, मगर भीड़ के बीच फुसफुसाहट और हलचल ने बता दिया कि बात मामूली नहीं है।

सम्राट चौधरी ने इस लफ्ज़ी गलती पर कोई रद्दे-अमल नहीं दिया और अदब के साथ हाथ जोड़कर अपनी तकरीर शुरू कर दी। लेकिन सियासत में खामोशी अक्सर सबसे बड़ा बयान मानी जाती है। यही वजह है कि इस पूरे वाकये को अब महज़ एक भूल नहीं, बल्कि इशारों की सियासत के तौर पर देखा जा रहा है।

बिहार की राजनीति में पहले से ही सीएम फेस को लेकर गहमागहमी है। ऐसे में मंच से निकला यह एक लफ्ज़ कई सवाल खड़े कर रहा है क्या यह सिर्फ एक एंकर की गलती थी, या फिर सियासी हवा का रुख बदलने का कोई इशारा? खासकर तब, जब बीजेपी खेमे में सम्राट चौधरी का कद लगातार बढ़ता दिख रहा है।

जातीय समीकरण की बिसात पर भी यह मामला खास अहमियत रखता है। नीतीश कुमार (कुर्मी) और सम्राट चौधरी (कोइरी/कुशवाहा) का मेल ‘लव-कुश’ समीकरण का मजबूत आधार माना जाता है। बीजेपी की नजर गैर-यादव ओबीसी वोट बैंक पर टिकी है, जहां कोइरी-कुर्मी मिलाकर करीब 7 फीसदी आबादी कई सीटों पर खेल बना या बिगाड़ सकती है।

ऐसे में सवाल लाज़िमी है क्या यह महज जुबान की फिसलन थी या आने वाले सियासी बदलाव की दस्तक? फिलहाल, भागलपुर का यह मंच एक छोटी सी गलती से बड़ी सियासी बहस का अखाड़ा बन चुका है।

रिपोर्ट- अंजनी कश्यप