Bihar Greenfield Airport: सोनपुर के बाद अब इस जिले की बारी! यहां बनेगा बिहार का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, जानिए पूरी खबर

Bihar Greenfield Airport: बिहार में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। सोनपुर के बाद अब सुलतानगंज में राज्य का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने की तैयारी तेज हो गई है।

ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट
ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट- फोटो : social media

Bihar Greenfield Airport: बिहार में  हवाई कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए एक ओर ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। जानकारी अनुसार सोनपुर के बाद अब भागलपुर के सुल्तानगंज में राज्य का सबसे बड़ा और आधुनिक 'ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट' बनने जा रहा है। बताया जा रहा है कि साल 2030 तक एयरपोर्ट का निर्माण कर लिया जाएगा। इस एयरपोर्ट के निर्माण से प्रदेश से बाहर जाने वालों को बड़ी राहत मिलेगी।

सुल्तानगंज में बनेगा सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट 

जानकारी के अनुसार, सुल्तानगंज में प्रस्तावित एयरपोर्ट के लिए कुल 3064.039 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। पहले चरण में 931 एकड़ जमीन चिह्नित की गई थी, लेकिन भविष्य की जरूरतों और विस्तार को देखते हुए अतिरिक्त 2133.039 एकड़ भूमि की मांग की गई है। नागरिक उड्डयन निदेशालय ने इस संबंध में भागलपुर के डीएम से जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया तेज करने को कहा है। राज्य मंत्रिमंडल पहले ही इस परियोजना को मंजूरी दे चुका है। निदेशालय के सचिव डॉ. निलेश रामचंद्र देवरे ने डीएम को भेजे पत्र में प्रथम और द्वितीय चरण के लिए प्रस्तावित जमीन का विवरण और कलर मैप जल्द उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

2030 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने के लिए पटना में एजेंसियों के साथ लगातार बैठकें हो रही हैं। डीपीआर बनाने में करीब एक साल का समय लगेगा। जिसके बाद तीन साल में निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। यानी 2030 तक एयरपोर्ट चालू होने की संभावना है। इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट में करीब 4200 मीटर लंबा रनवे प्रस्तावित है, जिससे बड़े विमानों का संचालन संभव होगा।

इन जिलों के लोगों को मिलेगा लाभ 

इसके साथ ही कार्गो विमान सेवाओं को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त जमीन की मांग की गई है, ताकि क्षेत्र को लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित किया जा सके। यह एयरपोर्ट देवघर मार्ग के पर्यटन, खासकर श्रावणी मेला क्षेत्र, और औद्योगिक विकास के लिए अहम साबित होगा। प्रस्तावित स्थल बांका, मुंगेर, खगड़िया, जमुई और भागलपुर जैसे जिलों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है, जिससे पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। एयरपोर्ट निर्माण के लिए मसदी, नोनसर, राजगंज, कसवा, सुजापुर और मंझली गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाना प्रस्तावित है। यह परियोजना पूरी होने के बाद बिहार के हवाई नेटवर्क में बड़ा बदलाव लाने की उम्मीद है।

क्या होता है ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट? 

ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट एक ऐसा एयरपोर्ट होता है जिसे बिल्कुल नई और खाली जमीन पर शून्य (Zero) से तैयार किया जाता है। चूंकि इसे शून्य से शुरू किया जाता है, इसलिए इसमें आधुनिक तकनीक, बड़े रनवे और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से 24x7 संचालन की सुविधाएं जोड़ी जा सकती हैं। इन एयरपोर्ट्स को पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव डालने के लिए पारिस्थितिक रूप से अनुकूल (eco-friendly) विशेषताओं के साथ डिजाइन किया जा सकता है। ये हवाई अड्डे दूरदराज या कम सेवा वाले क्षेत्रों (जैसे उत्तर बिहार) को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जोड़ते हैं, जिससे व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलता है।