Bihar Crime : भागलपुर पुलिस ने कुख्यात टिब्बा मंडल को किया गिरफ्तार, कारोबारी से रंगदारी मांगने सहित दर्ज है कई मामले

Bihar Crime : भागलपुर पुलिस ने कुख्यात टिब्बा मंडल को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार अपराधी पर रंगदारी मांगने सहित कई मामले दर्ज हैं.......पढ़िए आगे

Bihar Crime : भागलपुर पुलिस ने कुख्यात टिब्बा मंडल को किया ग
कुख्यात अपराधी गिरफ्तार - फोटो : BALMUKUND

BHAGALPUR : जिले के घोघा थाना क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने कुख्यात अपराधी चंद्रभानू उर्फ टिब्बा मंडल और उसके सहयोगी अकबाली यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने छापेमारी कर इन दोनों को दबोचा। कहलगांव एसडीपीओ-2 पंकज कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि यह कार्रवाई घोघा के एक व्यवसायी से रंगदारी मांगे जाने के मामले में की गई है।

पुलिस की यह कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से की गई। टीम ने सबसे पहले कांड के नामजद अभियुक्त अकबाली यादव को एकचारी दियरा स्थित उसयारी बासा से गिरफ्तार किया। कड़ाई से पूछताछ के बाद अकबाली की निशानदेही पर पुलिस ने बड़ी मोहनपुर ख्वासपुर दियरा के जटाधारी बाबा मंदिर के पास घेराबंदी की, जहाँ से मुख्य अभियुक्त टिब्बा मंडल को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार टिब्बा मंडल का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ घोघा, कहलगांव, अंतीचक और एकचारी थानों में हत्या के प्रयास और लूट जैसे कुल 14 गंभीर मामले दर्ज हैं। टिब्बा महज छह महीने पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आया था, लेकिन बाहर आते ही उसने फिर से आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देना शुरू कर दिया और व्यापारियों को निशाना बनाने लगा।

इस गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि बीते 29 दिसंबर 2025 की एक घटना से जुड़ी है। पन्नूचक निवासी ईंट व्यवसायी संजीव गुप्ता ने घोघा थाना में मामला दर्ज कराया था कि टिब्बा मंडल और उसके साथियों ने उनसे रंगदारी की मांग की है। इसी मामले की तफ्तीश के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि 30 दिसंबर को रंगदारी मांगने के दौरान हुई एक गोलीबारी में टिब्बा गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसका वह छिपकर इलाज करवा रहा था।

सफल छापेमारी दल में घोघा थाना प्रभारी आशुतोष कुमार, पुअनि राजेश कुमार, सअनि महानंद सिंह, नवीन सिंह और डीआईयू (DIU) की टीम शामिल रही। पुलिस ने बताया कि टिब्बा की गिरफ्तारी से क्षेत्र के व्यवसायियों ने राहत की सांस ली है। फिलहाल पुलिस उससे अन्य संभावित ठिकानों और गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ कर रही है ताकि इलाके में अपराध पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके। 

बालमुकुन्द की रिपोर्ट