भागलपुर DM का 'एक्शन' मोड: 60 फरियादियों की ऑन-द-स्पॉट सुनवाई, लापरवाह अफसरों को दी कड़ी चेतावनी
भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने 'सबका सम्मान-जीवन आसान' अभियान के तहत जनसुनवाई की। डीएम ने साफ किया कि अगर जमीनी स्तर पर काम नहीं हुआ और अनावश्यक मामले मुख्यालय पहुँचे, तो संबंधित अधिकारियों की खैर नहीं।
Bhagalpur - भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने शुक्रवार को अपने कार्यालय कक्ष में 'सबका सम्मान-जीवन आसान' (Ease of Living) पहल के तहत जनता दरबार लगाया। इस दौरान उन्होंने लगभग 60 आम नागरिकों के आवेदनों पर एक-एक कर (One-to-One) विस्तार से सुनवाई की। डीएम ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके त्वरित समाधान का भरोसा दिया।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से ऑन-द-स्पॉट 'न्याय', तकनीक का सहारा
सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने तकनीक का प्रभावी उपयोग किया। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी क्षेत्रीय पदाधिकारियों को लाइन पर लिया। डीएम ने मौके पर ही अधिकारियों से चर्चा की और कड़े निर्देश दिए कि जो मामले अति आवश्यक (Urgent) हैं, उन्हें अगले एक-दो दिनों के भीतर हर हाल में निस्तारित (Dispose) किया जाए।
"क्षेत्र से अनावश्यक मामले आए, तो अधिकारियों पर होगी कार्रवाई"
जिलाधिकारी ने प्रेस को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय पदाधिकारियों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा, "मैंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि ग्राउंड लेवल के छोटे मामले अनावश्यक रूप से मेरे पास आ रहे हैं, तो इसका मतलब है कि स्थानीय अधिकारी मेहनत नहीं कर रहे।" डीएम के इस कड़े रुख का असर अब धरातल पर दिखने लगा है और अधिकारी सक्रिय हो गए हैं।
घट रही है शिकायतों की संख्या, जनता में बढ़ी संतुष्टि
डॉ. नवल किशोर चौधरी ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी इस सख्ती और नियमित सुनवाई का सकारात्मक परिणाम सामने आ रहा है। उन्होंने उदाहरण दिया कि कई प्रकार के पुराने मामले, जो पहले बड़ी संख्या में आते थे, अब काफी कम हो गए हैं। इससे सिद्ध होता है कि प्रशासन की कार्यशैली में सुधार हुआ है और आम जन में व्यवस्था के प्रति विश्वास जगा है।
लोक शिकायत निवारण अधिनियम के तहत कड़े निर्देश
जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने 'बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम' के अंतर्गत लंबित मामलों की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को फाइलों को अटकाने के बजाय नियमानुसार तत्काल निष्पादन करने का निर्देश दिया। डीएम ने दोहराया कि '7 निश्चय-3' के तहत बिहार को आगे बढ़ाने के लिए 'Ease of Living' ही मुख्य प्राथमिकता है।
Report - balmukund kumar