Bihar Crime : सुल्तानगंज नगर परिषद के सभापति को बचाने में जांबाज अधिकारी ने गंवाई जान, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात

Bihar Crime : सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में तीन नकाबपोश बदमाशों ने घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस हमले में सुल्तानगंज के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) कृष्ण कुमार की मौके पर ही मौत हो गई.....पढ़िए आगे

Bihar Crime : सुल्तानगंज नगर परिषद के सभापति को बचाने में जा
जाबांज अधिकारी की हत्या - फोटो : SOCIAL MEDIA

BHAGALPUR : बिहार के भागलपुर जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए अपराधियों ने मंगलवार को दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया। सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में तीन नकाबपोश बदमाशों ने घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस हमले में सुल्तानगंज के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) कृष्ण कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सभापति राज कुमार उर्फ गुड्डू बुरी तरह जख्मी हो गए। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जो अपराधियों की बेखौफ मानसिकता को बयां कर रहा है।

अंधाधुंध फायरिंग और ईओ की बहादुरी

वारदात मंगलवार दोपहर करीब 4:05 बजे की है। नगर परिषद कार्यालय में सभापति राज कुमार अपने चैंबर में सैरात की बंदोबस्ती को लेकर बैठक कर रहे थे। तभी हाथ में हथियार लहराते हुए तीन नकाबपोश अपराधी चैंबर में घुसे और सीधे सभापति को निशाना बनाकर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। वहां मौजूद ईओ कृष्ण कुमार ने साहस दिखाते हुए अपराधियों को रोकने की कोशिश की और उनसे उलझ गए। इसी गुत्थमगुत्थी में अपराधियों ने उनके माथे पर गोली मार दी, जिससे उनकी जान चली गई।

सीसीटीवी में कैद हुआ खौफनाक मंजर

सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि अपराधी पूरी योजना के साथ आए थे। गोलीबारी शुरू होते ही कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी हवा में फायरिंग करते हुए मौके से फरार हो गए। स्थानीय कर्मचारियों और वार्ड पार्षदों ने तुरंत दोनों घायलों को सुल्तानगंज रेफरल अस्पताल पहुँचाया, जहाँ से उन्हें भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया गया। ईओ ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया, जबकि सिर में गोली लगने के कारण सभापति की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।

मधुबनी के रहने वाले थे जांबाज अधिकारी

मृत ईओ कृष्ण कुमार बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी थे और मूल रूप से मधुबनी जिले के निवासी थे। वे कहलगांव नगर पंचायत में तैनात थे और उन्हें सुल्तानगंज नगर परिषद का अतिरिक्त प्रभार मिला हुआ था। अपनी ड्यूटी निभाते हुए उन्होंने सभापति की जान बचाने के लिए खुद के प्राणों की आहुति दे दी। इस घटना के बाद प्रशासनिक गलियारे में शोक और आक्रोश की लहर है।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

घटना की सूचना मिलते ही भागलपुर एसएसपी प्रमोद कुमार यादव और सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। एसएसपी ने बताया कि शुरुआती जांच में अपराधी स्थानीय लग रहे हैं और उनका मुख्य टारगेट सभापति ही थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान शुरू कर दी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए 3-4 विशेष टीमों का गठन कर छापेमारी की जा रही है। इस घटना ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था और लॉ एंड ऑर्डर पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

अंजनी कश्यप की रिपोर्ट