बांका के इस इलाके में सड़कों का हाल-बेहाल, जर्जर मार्ग पर साइकिल समेत गिरा वृद्ध, बाल-बाल बची जान
Banka : जिले के कटोरिया प्रखंड अंतर्गत राधानगर–बलियामहरा मुख्य मार्ग विकास के दावों की पोल खोल रहा है। तरगच्छा पंचायत के धौवनी गांव के पास सड़क की स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि राहगीरों का चलना दूभर हो गया है। हल्की बारिश के बाद जलजमाव ने गड्ढों की गहराई को और खतरनाक बना दिया है, जिससे यहाँ हर समय हादसों का डर बना रहता है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि अब यह समझ पाना मुश्किल है कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों के बीच कहीं सड़क बची है।
गहरे गड्ढे में गिरा वृद्ध, ग्रामीणों ने बचाई जान
शुक्रवार देर शाम इसी जर्जर सड़क ने एक और हादसे को न्योता दिया। धौवनी गांव के समीप मुख्य पीच सड़क पर बने एक गहरे गड्ढे में एक वृद्ध व्यक्ति अपनी साइकिल सहित असंतुलित होकर गिर पड़े। गनीमत रही कि आसपास ग्रामीण मौजूद थे, जिन्होंने तत्काल दौड़कर उन्हें गड्ढे से बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार दिया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन और संवेदक के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
महज 4 साल में ही उखड़ने लगी सड़क की सूरत
ग्रामीणों ने बताया कि इस महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण हुए अभी महज 3 से 4 वर्ष ही बीते हैं, लेकिन घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग के कारण यह समय से पहले ही जर्जर हो गई। सड़क पर बनी पुलिया भी अब एक बड़े जानलेवा गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। रख-रखाव के अभाव में पीच पूरी तरह उखड़ चुकी है और पूरी सड़क अब पथरीली और ऊबड़-खाबड़ हो गई है, जो राहगीरों के लिए किसी दुःस्वप्न से कम नहीं है।
संवेदक और अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप
स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण में भारी भ्रष्टाचार और लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि संवेदक (ठेकेदार) ने मानकों को ताक पर रखकर काम किया और संबंधित विभाग के अधिकारियों ने कभी इसकी गुणवत्ता की जांच नहीं की। अधिकारियों की इसी उदासीनता और लापरवाही का खामियाजा आज आम जनता को अपनी जान जोखिम में डालकर भुगतना पड़ रहा है।
प्रशासन को चेतावनी: जल्द मरम्मत नहीं हुई तो होगा बड़ा आंदोलन
धौवनी और आसपास के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस जर्जर मार्ग की तत्काल मरम्मत कराई जाए और घटिया निर्माण करने वाले दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सड़क को दुरुस्त नहीं किया गया, तो वे सड़क जाम कर प्रदर्शन करने को विवश होंगे। फिलहाल, इस बदहाल सड़क ने सरकार के "चमकती सड़कों" के दावों की जमीनी हकीकत को पूरी तरह उजागर कर दिया है।
चंद्रशेखर कुमार भगत की रिपोर्ट