Bihar Accident: गैस कंटेनर और हाइवा की आमने-सामने भिड़ंत से मचा कोहराम, सड़क पर बिखरे सैकड़ों सिलेंडर, हादसे के बाद लूट की मची होड़
Bihar Accident:कंटेनर और हाइवा के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई।...
Bihar Accident: भागलपुर-दुमका मुख्य मार्ग पर शुक्रवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल पैदा कर दिया। ढाका मोड़ की ओर से आ रहे गैस कंटेनर और बौंसी की तरफ से तेज रफ्तार में जा रहे हाइवा के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भयावह थी कि दोनों भारी वाहनों के अगले हिस्से बुरी तरह चकनाचूर हो गए और सड़क पर मलबे का ढेर लग गया।
हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि गैस कंटेनर का चालक केबिन में बुरी तरह फंस गया। टक्कर के बाद उसकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर काफी मशक्कत के बाद चालक को क्षतिग्रस्त केबिन से बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल चालक को आनन-फानन में बाराहाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
दुर्घटना के बाद हालात उस समय और बिगड़ गए जब कंटेनर पर लदे सैकड़ों गैस सिलेंडर सड़क और आसपास के खेतों में बिखर गए। गैस सिलेंडरों से जुड़े संभावित खतरे के बावजूद बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ लोगों ने बिखरे हुए सिलेंडरों को उठाकर ले जाना शुरू कर दिया, जिससे घटनास्थल पर लूट जैसी स्थिति पैदा हो गई। देखते ही देखते वहां अफरा-तफरी और भगदड़ का माहौल बन गया।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने तत्काल क्षेत्र की घेराबंदी कर लोगों को दूर हटाया तथा सिलेंडरों को सुरक्षित रखने की कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों ने बताया कि सिलेंडर लेकर जाने वाले लोगों की पहचान की जा रही है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।हादसे के कारण भागलपुर-दुमका मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लग गया और यातायात कुछ समय के लिए पूरी तरह प्रभावित रहा। पुलिस और प्रशासन की टीम दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने तथा बिखरे सिलेंडरों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में जुटी रही।
फिलहाल पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। शुरुआती तौर पर तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की वजह माना जा रहा है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते चालक को नहीं निकाला जाता तो उसकी जान भी जा सकती थी। इस भीषण हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और दुर्घटना के बाद भीड़ के गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चंद्रशेखर कुमार भगत कि रिपोर्ट