बगहा में गंडक नदी का भीषण तांडव : मधुबनी प्रखंड के कई गांव जलसमाधि की कगार पर, सहमे ग्रामीण

बाढ़ का पानी उतरते ही बगहा के मधुबनी प्रखंड में गंडक नदी ने तबाही मचा रखी है। रेवहिया गांव में 100 से ज्यादा घर नदी की धारा में बह चुके हैं। बेबस ग्रामीण अपने ही हाथों से अपना आशियाना तोड़ने को मजबूर हैं। अब गांव के प्राथमिक स्कूल और किसानों के खेतो

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बगहा में गंडक नदी का भीषण तांडव,मधुबनी प्रखंड के कई गांव जलसमाधि की कगार पर- फोटो : Reporter

बिहार के बगहा में बाढ़ का पानी उतरते ही गंडक नदी ने भीषण कटाव का रूप ले लिया है। मधुबनी प्रखंड के धनहा क्षेत्र स्थित रेवहिया गांव में नदी की तेज धारा में 100 से अधिक घर बह चुके हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि लोग बचे-खुचे सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए मजबूर हैं।


अपने ही हाथों से आशियाना तोड़ने को मजबूर ग्रामीण

कभी जिस गांव में पक्के मकान और हरे-भरे खेत लहलहाते थे, वहां अब सिर्फ उफनती नदी नजर आ रही है। गंडक की विनाशकारी धारा के कारण ग्रामीणों के पास अपना घर बचाने का कोई रास्ता नहीं बचा है। वर्षों की मेहनत से बनाए गए घरों को लोग अब भारी मन से खुद ही तोड़ रहे हैं ताकि लकड़ी और छत का सामान सुरक्षित निकाला जा सके।


स्कूल की बाउंड्री बही, अब मुख्य भवन पर भी संकट 

नदी का कटाव अब गांव की आवासीय सीमाओं को पार करते हुए प्राथमिक शिक्षा केंद्र तक पहुंच चुका है। गंडक नदी पहले ही स्कूल परिसर की बाउंड्री वॉल को काट कर बहा ले गई है। अब पानी की सीधी टक्कर स्कूल के मुख्य भवन के करीब हो रही है, जिससे बच्चों के भविष्य का आधार कहे जाने वाले इस भवन के अस्तित्व पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

किसानों की उपजाऊ जमीन को निगल रही गंडक की धारा 

कटाव की इस त्रासदी का सबसे बड़ा प्रभाव स्थानीय कृषि पर पड़ रहा है। किसानों की सैकड़ों एकड़ उपजाऊ जमीन और फसलें गंडक नदी में समा चुकी हैं। एक ओर जहां ग्रामीण अपना बेघर होना देख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अपनी आजीविका का एकमात्र साधन (खेत) छीन जाने से उनके सामने जीवन यापन का संकट गहरा गया है।

प्रशासन की हलचल, बोरियों का स्टॉक कराया गया

 कटाव की गंभीर स्थिति की सूचना मिलने के बाद जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीम ने प्रभावित इलाके का जायजा लिया है। नदी के तटबंध और किनारे को सुरक्षित करने के लिए मौके पर प्लास्टिक और बालू की बोरियों का स्टॉक कराया गया है। प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं।

तत्काल फ्लड फाइटिंग कार्य शुरू करने की मांग 

प्रशासनिक टीम की मौजूदगी के बावजूद ग्रामीण अब तक जमीनी स्तर पर फ्लड फाइटिंग का काम शुरू न होने से चिंतित हैं। ग्रामीणों की मांग है कि सिर्फ बोरियां रखने के बजाय तुरंत जिओ बैग्स और बोल्डर पिचिंग का काम शुरू किया जाए, ताकि गंडक की धारा को गांव और स्कूल भवन को पूरी तरह तबाह करने से रोका जा सके।

बगहा से अभिषेक पांडेय की रिपोर्ट