Bihar News : औरंगाबाद में बालू घाटों पर वर्चस्व की जंग, रास्ता रोकने के लिए मांगी ₹50 लाख की रंगदारी, प्रशासन ने जांच के बाद दी काम शुरू करने की हरी झंडी

Bihar News : औरंगाबाद में बालू घाटों पर वर्चस्व को लेकर जंग तेज हो गयी है. जिसके बाद प्रशासन ने हस्तक्षेप किया.....पढ़िए आगे

Bihar News : औरंगाबाद में बालू घाटों पर वर्चस्व की जंग, रास्
बालू घाटों पर वर्चस्व की जंग - फोटो : DINANATH

AURANGABAD : जिले के बारुण प्रखंड अंतर्गत सोन नदी के बालू घाटों पर वर्चस्व को लेकर खींचतान तेज हो गई है। ताजा मामला घाट संख्या 14A और 14B के बीच का है, जहाँ रास्ते के विवाद ने हिंसक मोड़ ले लिया है। घाट संख्या 14B के संचालक अक्षय कुमार (जीत कंस्ट्रक्शन) ने पड़ोसी घाट 14A के संचालक रामनाथ यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके द्वारा बालू लदे वाहनों के निकलने वाले रास्ते को बार-बार कटवा दिया जा रहा है और घाट संचालन के एवज में 50 लाख रुपये की मोटी रकम की मांग की जा रही है।

विवाद का मुख्य कारण दोनों घाटों की भौगोलिक स्थिति है। 14A घाट आदित्य राज (पिता रामनाथ यादव) के नाम पर है, जबकि 14B का टेंडर जीत कंस्ट्रक्शन के पास है। वर्तमान में 14B से बालू का खनन शुरू हो चुका है, जिसके लिए संचालक ने 35 फीट चौड़े सरकारी पिंड पर रास्ता बनवाया था। आरोप है कि 14A के संचालक, जिनका घाट अभी शुरू नहीं हो सका है, द्वेषवश इस रास्ते को अपनी निजी जमीन बताकर बार-बार कटवा दे रहे हैं। इस अड़ंगेबाजी के कारण बिहार सरकार को प्रतिदिन 10 लाख रुपये से अधिक के राजस्व की क्षति हो रही है।

इस हाई-प्रोफाइल विवाद में स्थानीय ग्रामीण संजय यादव का नाम भी सामने आया, जिन्होंने दावा किया था कि यह रास्ता उनकी निजी जमीन पर है और उन्होंने इसे 14A घाट को दे दिया है। संजय यादव ने सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर कई भ्रामक बयान दिए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय अधिकारियों के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया। जांच में पाया गया कि संजय यादव के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और जिस जमीन पर रास्ता बना है, उसका उनकी निजी जमीन से कोई लेना-देना नहीं है।

प्रभारी अंचलाधिकारी (CO) नीरज कुमार ने बताया कि जांच टीम की रिपोर्ट के बाद संजय यादव को वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया है। संजय यादव ने स्वीकार किया है कि उन्होंने कुछ लोगों के बहकावे में आकर गलत बयानबाजी की थी। अंचलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मामला फिलहाल सुलझा लिया गया है और रास्ते को फिर से सुचारू करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में किसी भी व्यक्ति द्वारा सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की गई या रास्ते को अवरुद्ध किया गया, तो उसे चिन्हित कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीण सूत्रों और स्थानीय जानकारों की मानें तो इस पूरे विवाद की जड़ व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता है। चूंकि 14B घाट से बालू की निकासी तेजी से हो रही है और 14A अभी तक शुरू नहीं हो पाया है, इसलिए प्रतिद्वंद्वी गुट द्वारा तकनीकी अड़ंगे लगाकर काम रोकने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल, मौके पर तनाव को देखते हुए प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है ताकि राजस्व की क्षति को रोका जा सके और खनन कार्य शांतिपूर्ण ढंग से संचालित हो।

दीनानाथ की रिपोर्ट