Bihar News : औरंगाबाद का सरकारी बस स्टैंड बना ‘नरक’, गंदगी के अंबार से यात्रियों की बढ़ी परेशानी

Bihar News : औरंगाबाद बस पड़ाव कभी अपनी बेहतरीन सुविधाओं के लिए जाना जाता था, मगर रखरखाव के अभाव में अब कूड़ेदान में तब्दील हो चुका है......पढ़िए आगे

Bihar News : औरंगाबाद का सरकारी बस स्टैंड बना ‘नरक’, गंदगी क
सरकारी बस स्टैंड बना नरक - फोटो : DINANATH

AURANGABAD : बिहार सरकार राज्य में आधुनिक परिवहन और चकाचक बस स्टैंडों के विकास के भले ही लाख दावे कर ले, लेकिन औरंगाबाद का सरकारी बस स्टैंड आज भी जमीनी हकीकत बयां कर रहा है। शहर के ऐतिहासिक गांधी मैदान के समीप बना यह बस पड़ाव कभी अपनी बेहतरीन सुविधाओं और सुव्यवस्था के लिए जाना जाता था। मगर आज अधिकारियों की उदासीनता और देखरेख के अभाव में यह पूरा परिसर एक बड़े कूड़ेदान में तब्दील हो चुका है, जिससे सरकार के विकास के दावों की हवा निकल रही है।

कभी अतिथिगृह और गैराज की थी सुविधा, आज खंडहर में तब्दील हुआ गौरव

अतीत को याद करें तो सुशासन के पूर्व की सरकार के समय इस बस स्टैंड में यात्रियों के लिए कार्यालय, सर्वसुविधायुक्त अतिथिगृह, यात्री शेड, बसों की मरम्मत के लिए अत्याधुनिक गैराज, स्वच्छ शौचालय और ठंडे पेयजल की उत्तम व्यवस्था थी। हर रोज सैकड़ों यात्री यहाँ बेझिझक शरण लेते थे। लेकिन प्रशासनिक उपेक्षा के कारण आज मुख्य भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है, अतिथिगृह खंडहर का रूप ले चुका है और पूरा का पूरा परिसर केवल मलबे तथा कचरे से पटा दिखाई देता है।

असहनीय बदबू और गंदगी से यात्रियों का जीना मुहाल, महामारी फैलने की आशंका

बस स्टैंड पर मौजूद यात्रियों ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि यहाँ फैली गंदगी और हर तरफ से आ रही तेज दुर्गंध के कारण पांच मिनट खड़ा होना भी दूभर हो चुका है। पीने के साफ पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह ठप हैं। प्रतिदिन सैकड़ों यात्री यहाँ से विभिन्न रूटों के लिए सफर तय करते हैं, मगर उन्हें नरकीय स्थिति का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि अगर जल्द ही यहाँ सफाई नहीं कराई गई तो शहर में कोई गंभीर महामारी फैल सकती है।

अधिकारियों में आपस में ही खींचतान, एक-दूसरे पर मढ़ रहे गंदगी का ठीकरा

बस स्टैंड की इस बदहाली और अव्यवस्था पर जब बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के प्रतिष्ठान अधीक्षक रजनीश कुमार से बात की गई, तो उन्होंने सारा ठीकरा नगर परिषद पर फोड़ दिया। उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि बस स्टैंड परिसर में फैली सारी गंदगी नगरपालिका के कचरा डंप करने की वजह से है। उन्होंने बताया कि व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए नगर निकाय और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई बार पत्राचार किया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी एक साल के भीतर हालात सुधर जाएंगे।

स्थानीय नागरिकों ने खोला मोर्चा, बुनियादी सुविधाएं तुरंत बहाल करने की मांग

जनता की पुकार: औरंगाबाद के प्रबुद्ध नागरिकों, स्थानीय दुकानदारों और दैनिक यात्रियों ने जिला प्रशासन से अविलंब हस्तक्षेप करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यह बस स्टैंड जिले का मुख्य पड़ाव होने के कारण औरंगाबाद की पहचान से जुड़ा है और इसकी यह दुर्दशा पूरे शहर की छवि को देश-दुनिया में खराब कर रही है। जनता ने जिलाधिकारी से यहाँ तत्काल युद्धस्तर पर सफाई अभियान चलाने, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करने और नए सिरे से शौचालय बहाल करने की गुहार लगाई है।

दीनानाथ मौआर की रिपोर्ट