Bihar Crime News: ट्रक चालक की पिटाई पर भड़के ट्रांसपोर्टर्स, आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर प्रशासन को अल्टीमेटम, आंदोलन की दी चेतावनी
Bihar Crime News: ट्रक चालक की कथित पिटाई का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के विरोध में ट्रक मालिकों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
ARA : जिले के कोईलवर थाना क्षेत्र स्थित धनडीहा गांव में ट्रक चालक की कथित पिटाई का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के विरोध में ट्रक मालिकों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर अब भोजपुर जिला ट्रक ओनर एसोसिएशन खुलकर मैदान में उतर आया है।
भोजपुर जिला ट्रक ओनर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अजय यादव के नेतृत्व में संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि ट्रक चालक के साथ मारपीट करने वाले सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि जिस तरह से चालक की खुलेआम पिटाई की गई, उससे साफ प्रतीत होता है कि असामाजिक तत्वों में कानून का कोई भय नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि सड़क पर काम करने वाले चालक और ट्रांसपोर्ट कर्मियों की सुरक्षा प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ट्रक ओनर एसोसिएशन ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो संगठन सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होगा। उन्होंने साफ कहा कि ऐसी स्थिति में होने वाली किसी भी अव्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।उधर, पुलिस भी मामले को लेकर सक्रिय हो गई है। वायरल वीडियो के आधार पर आरोपितों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की तैयारी चल रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।अजय यादव ने बताया कि जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात के दौरान उन्हें उचित कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ट्रक मालिक और चालक एकजुट होकर चक्का जाम तथा व्यापक आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगे। फिलहाल पूरे मामले पर ट्रांसपोर्ट जगत की नजर टिकी हुई है। अब देखना यह होगा कि पुलिस आरोपियों तक कितनी जल्दी पहुंचती है और प्रशासन बढ़ते आक्रोश को शांत करने के लिए क्या कदम उठाता है।
रिपोर्टर-आशीष कुमार