10 साल से बच्चों की थाली गायब! मुसहर टोली के स्कूल में 2016 से बंद मिड-डे मील, अफसरों के आश्वासन पर सवाल

Bihar News: पिछले करीब 10 वर्षों से मिड-डे मील योजना बंद पड़ी है। वर्ष 2016 से ठप इस योजना का सीधा खामियाजा गरीब और वंचित तबके के बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।...

Bihar School Mid Day Meal Shut for 10 Years Kids Left Depriv
10 साल से बच्चों की थाली गायब- फोटो : reporter

Bihar News: भोजपुर के  चरपोखरी प्रखंड की सियाडीह पंचायत स्थित न्यू प्राथमिक विद्यालय मुसहर टोली में पिछले करीब 10 वर्षों से मिड-डे मील योजना बंद पड़ी है। वर्ष 2016 से ठप इस योजना का सीधा खामियाजा गरीब और वंचित तबके के बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। जिन बच्चों के लिए सरकारी स्कूल की थाली में पोषण का इंतजाम होना चाहिए था, वहां वर्षों से सन्नाटा पसरा है।

मामला सामने आने के बाद पंचायत के मुखिया सह मुखिया संघ भोजपुर के जिला महासचिव लालमुक्ति पासवान ने जिलाधिकारी को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि मिड-डे मील बंद रहने से बच्चों को पोषाहार नहीं मिल पा रहा है और इसका सीधा असर उनके स्वास्थ्य, पढ़ाई और स्कूल आने की नियमितता पर पड़ सकता है।

शिकायत में लंबे समय से योजना के बंद रहने को गंभीर मामला बताते हुए जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों से जवाबदेही तय करने की मांग की गई है। खास बात यह है कि जिस योजना का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को स्कूल में भोजन और पोषण उपलब्ध कराना है, उसी योजना पर एक दशक से ताला लगा हुआ है।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक विमलेश कुमार ने बताया कि मिड-डे मील योजना बंद होने की जानकारी विभाग को कई बार दी गई। उनके मुताबिक, हर बार कार्रवाई का भरोसा मिला, लेकिन अब तक मामला आश्वासन से आगे नहीं बढ़ सका। वहीं मिड-डे मील योजना के प्रखंड प्रभारी अशोक कुमार का कहना है कि विभागीय निर्देश मिलने के बाद योजना दोबारा शुरू कराई जाएगी।

अब सवाल यह है कि 2016 से बंद योजना को फिर चालू कराने के लिए आखिर किस आदेश का इंतजार है? गरीब बच्चों के हक का भोजन करीब एक दशक तक क्यों रुका रहा और इसकी जिम्मेदारी किसकी है—इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल मामला जिलाधिकारी तक पहुंच चुका है। अब निगाह इस बात पर है कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और मुसहर टोली के बच्चों की थाली में कब दोबारा सरकारी पोषाहार पहुंचता है।

रिपोर्ट- आशीष कुमार