राहुल- प्रियंका के बारिश में भीगने और नीतीश का छाता लेकर चलने का असर ! लोकसभा स्पीकर का निर्देश- संसद भवन में बनेगा पोर्च
मकर द्वार नए संसद भवन परिसर का प्रमुख प्रवेश और निकास बिंदु है। मानसून के दौरान यहां बारिश से बचने के लिए पर्याप्त ढकी हुई जगह नहीं होने के कारण सांसदों और संसद कर्मचारियों को कई बार बारिश में भीगते हुए अंदर जाना पड़ रहा था।
Parliament House : संसद के मानसून सत्र के दौरान बारिश के बीच मकर द्वार से संसद भवन में आने-जाने वाले सांसदों को हो रही परेशानी को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD), वास्तुकारों और संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों को मकर द्वार पर पोर्च बनाए जाने की संभावनाओं का अध्ययन कर प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है।
मकर द्वार नए संसद भवन परिसर का प्रमुख प्रवेश और निकास बिंदु है। मानसून के दौरान यहां बारिश से बचने के लिए पर्याप्त ढकी हुई जगह नहीं होने के कारण सांसदों और संसद कर्मचारियों को कई बार बारिश में भीगते हुए अंदर जाना पड़ रहा था। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए स्पीकर ने संबंधित अधिकारियों से पोर्च निर्माण की व्यवहार्यता पर विचार करने को कहा है।
बारिश में भीगते दिखे राहुल और प्रियंका गांधी
मानसून सत्र के दौरान मकर द्वार पर बारिश में विपक्षी सांसदों की तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए थे। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी सांसदों के मकर द्वार पर बारिश के बीच भीगने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में रहीं। इसके बाद सोशल मीडिया पर संसद भवन में सांसदों के लिए बारिश से बचाव की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने को लेकर तरह-तरह की टिप्पणियां की गईं। मानसून सत्र में संसद पहुंचने वाले कई अन्य सांसदों को भी बारिश के बीच मकर द्वार से गुजरते देखा गया।
छाता लेकर संसद पहुंचे नीतीश कुमार
बारिश से परेशान सांसदों की तस्वीरों में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार की तस्वीर भी सामने आई थी। उन्हें बारिश के दौरान छाता लेकर संसद भवन की ओर जाते हुए देखा गया। इसके अलावा कई अन्य सांसद भी बारिश से बचने की कोशिश करते नजर आए। दरअसल, मकर द्वार का इस्तेमाल बड़ी संख्या में सांसद संसद भवन में प्रवेश और बाहर निकलने के लिए करते हैं। बारिश के दौरान यहां छत की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से सांसदों को वाहन से उतरने के बाद कुछ दूरी खुले में तय करनी पड़ती है।
अब पोर्च बनाने की तैयारी
इसी समस्या के मद्देनजर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने CPWD, आर्किटेक्ट्स और अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों को बुलाकर स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मकर द्वार पर ऐसा पोर्च बनाए जाने की व्यवहार्यता पर विचार किया जाए, जिससे सांसदों और संसद के कर्मचारियों को बारिश और धूप से राहत मिल सके।
अधिकारियों से इस संबंध में प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है। हालांकि, अभी यह अंतिम फैसला नहीं हुआ है कि पोर्च का निर्माण किस डिजाइन और स्वरूप में किया जाएगा। पहले संबंधित एजेंसियां इसकी व्यवहार्यता और तकनीकी पहलुओं का अध्ययन करेंगी। इस फैसले के बाद उम्मीद है कि आने वाले समय में मकर द्वार पर संसद भवन में आने-जाने वाले सांसदों और कर्मचारियों को बारिश के दौरान होने वाली परेशानी से राहत मिल सकेगी।