UP News : हाथों में मेहंदी की जगह प्रार्थना पत्र, शादी में 17 सिलेंडर देने से गैस एजेंसी ने किया इंकार, गुहार लगाने डीएम ऑफिस पहुंची दुल्हन

UP News : शादी में भोज के लिए सिलेंडर नहीं मिला तो दुल्हन आवेदन लेकर डीएम कार्यालय पहुँच गयी. कहा की गैस एजेंसी वाले इंकार कर रहे हैं......पढ़िए आगे

UP News : हाथों में मेहंदी की जगह प्रार्थना पत्र, शादी में 1
गैस के लिए निकली दुल्हन - फोटो : SOCIAL MEDIA

UP DESK : उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में एक युवती के लिए अपनी शादी की खुशियां अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने में बदल गई हैं। मामला नंदनी नाम की एक युवती का है, जिसकी शादी आगामी 20 अप्रैल को होने वाली है। घर में शादी की तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन मेहमानों के खाने-पीने और अन्य रस्मों के लिए जरूरी एलपीजी सिलेंडरों की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। थक-हारकर नंदनी को मदद की उम्मीद में जिलाधिकारी (डीएम) कार्यालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

नंदनी के अनुसार, शादी समारोह को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए उन्हें 17 गैस सिलेंडरों की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि जब वे गैस एजेंसियों के पास गईं, तो उन्हें खाली हाथ लौटा दिया गया। एजेंसियों ने सिलेंडर देने से साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद परिवार के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। नंदनी का कहना है कि "बिना गैस सिलेंडरों के शादी का खाना कैसे बनेगा? एजेंसियों से कोई सहयोग नहीं मिल रहा, इसीलिए मैं यहां (डीएम कार्यालय) आई हूं ताकि प्रशासन हस्तक्षेप करे।"

यह स्थिति इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि केंद्र की मोदी सरकार लगातार यह दावा करती रही है कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है और हर घर तक सुलभ ईंधन पहुंचाया जा रहा है। उज्ज्वला जैसी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के बीच एक आम नागरिक का अपनी शादी जैसे महत्वपूर्ण अवसर के लिए 17 सिलेंडरों के लिए दर-दर भटकना प्रशासनिक व्यवस्था और आपूर्ति श्रृंखला पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

नंदनी ने बताया कि उन्होंने पहले संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों से संपर्क किया था, लेकिन वहां से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। शनिवार को वे डीएम ऑफिस पहुंचीं ताकि अपनी समस्या सीधे उच्चाधिकारियों के सामने रख सकें। उनके साथ आए परिजनों ने भी चिंता जताते हुए कहा कि शादी की तारीख नजदीक है और यदि समय पर ईंधन की व्यवस्था नहीं हुई तो बड़ी फजीहत हो सकती है।

फिलहाल, इस मामले में जिला प्रशासन की ओर से ठोस आश्वासन का इंतजार है। यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां लोग सवाल पूछ रहे हैं कि क्या एक आम आदमी को अपने हक की बुनियादी सुविधाओं के लिए भी सीधे कलेक्टर के पास जाना होगा? अब देखना यह है कि क्या प्रशासन नंदनी की गुहार सुनता है और उन्हें उनकी शादी के लिए समय पर सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित करा पाता है या नहीं।