"साहब, वे हमारा खून निकाल लेते हैं..." ड्रैकुला गैंग' बच्चों को जबरन बनाया जा रहा 'ब्लड डोनर'

एक कथित 'ड्रैकुला गैंग' सक्रिय है, जो नाबालिग बच्चों को अपना निशाना बना रहा है। गैंग की कार्यप्रणाली बेहद खौफनाक थी। आरोप है कि यह गैंग बच्चों को डरा-धमकाकर जबरन उनका खून निकलवाता था और उसे बेच देता था।

 children are being forced to become blood donors
"साहब, वे हमारा खून निकाल लेते हैं..." ड्रैकुला गैंग' बच्चों को जबरन बनाया जा रहा 'ब्लड डोनर'- फोटो : news 4 nation

एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। एक कथित 'ड्रैकुला गैंग' सक्रिय है, जो नाबालिग बच्चों को अपना निशाना बना रहा है। आरोप है कि यह गैंग बच्चों को डरा-धमकाकर जबरन उनका खून निकलवाता था और उसे बेच देता था। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद से पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के उमा नगर कॉलोनी इलाके के अभिभावकों में भारी डर और आक्रोश का माहौल है।

पैसे न देने पर खून निकालने की मजबूरी

गैंग की कार्यप्रणाली बेहद खौफनाक थी। गैंग के सदस्य पहले बच्चों को रास्ते में रोककर उनसे रुपयों की मांग करते थे। जब मासूम बच्चे पैसे देने में असमर्थता जताते, तो उन्हें असलहे (हथियार) के बल पर डराया जाता था। इसके बाद 'भरपाई' के नाम पर बच्चों को जबरन सोनूघाट इलाके के एक ब्लड बैंक ले जाया जाता था, जहाँ डरा-धमकाकर उनका खून निकलवा लिया जाता था।

ब्लड बैंक और गैंग का काला गठजोड़

पीड़ित बच्चों ने अपने परिजनों को आपबीती सुनाते हुए बताया कि उन्हें बार-बार खून देने के लिए मजबूर किया जाता था। आशंका जताई जा रही है कि गैंग और ब्लड बैंक के बीच कोई अवैध सांठगांठ है, जिसके जरिए बच्चों का खून ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा था। जब बच्चों ने हिम्मत जुटाकर घर पर यह बात बताई, तब जाकर इस संगठित अपराध का भंडाफोड़ हुआ।

पुलिस अधीक्षक ने दिए जांच के आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित बच्चों के अभिभावकों ने उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) संजीव सुमन से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई है। एसपी ने तत्काल प्रभाव से कोतवाली पुलिस को जांच के आदेश दे दिए हैं। पुलिस अब ब्लड बैंक के रिकॉर्ड खंगाल रही है और संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले इस गैंग के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।