मीराबाई चानू ने एशियन गेम्स में रचा इतिहास, वेटलिफ्टर ने जीता सिल्वर मेडल
मीराबाई चानू को गोल्ड मेडल से उत्तर कोरिया की री सोंग-गम ने पीछे छोड़ा। री सोंग-गम ने कुल 215 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता।
Weightlifter Mirabai Chanu : भारतीय वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने एशियन गेम्स में आखिरकार पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। चानू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। एशियन गेम्स के इतिहास में यह उनका पहला पदक है। उन्होंने स्नैच में 87 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम वजन उठाया। इस तरह चानू का कुल स्कोर 198 किलोग्राम रहा।
मीराबाई चानू को गोल्ड मेडल से उत्तर कोरिया की री सोंग-गम ने पीछे छोड़ा। री सोंग-गम ने कुल 215 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता। खास बात यह है कि एशियन गेम्स में यह उनका लगातार तीसरा गोल्ड मेडल है।
28 साल बाद भारत को मिला सिल्वर
मीराबाई चानू की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि एशियन गेम्स में वेटलिफ्टिंग में भारत को लंबे समय बाद सिल्वर मेडल मिला है। 1951 में एशियन गेम्स में वेटलिफ्टिंग को शामिल किए जाने के बाद भारत अब तक इस खेल में कुल 15 पदक जीत चुका है। इनमें 6 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं, जबकि भारत को अभी तक इस खेल में गोल्ड मेडल नहीं मिला है।
इससे पहले 1998 के बैंकॉक एशियन गेम्स में कर्णम मल्लेश्वरी ने वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल जीता था। अब मीराबाई चानू ने सिल्वर जीतकर करीब 28 साल बाद भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए यह उपलब्धि दोहराई है।
2014 से शुरू हुआ था एशियन गेम्स का सफर
मीराबाई चानू का एशियन गेम्स का सफर 2014 के इंचियोन गेम्स से शुरू हुआ था। तब उन्होंने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में हिस्सा लिया और नौवें स्थान पर रही थीं। इसके बाद चोट के कारण वह 2018 के जकार्ता एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं ले सकीं। 2022 के हांगझोऊ एशियन गेम्स में उन्होंने वापसी की और महिलाओं के 49 किलोग्राम वर्ग में 191 किलोग्राम का कुल वजन उठाकर चौथा स्थान हासिल किया।
अब एशियन गेम्स के अपने तीसरे अभियान में मीराबाई चानू ने सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा दिया है।