एशियन गेम्स में परवीन हुड्डा का कमाल, 65 किग्रा वर्ग में जीता गोल्ड, लवलीना ने भी बढ़ाया भारत का गौरव
एशियन गेम्स के इस संस्करण में भारतीय मुक्केबाजी दल का प्रदर्शन भी मजबूत रहा है। भारत ने अब तक छह पदक पक्के किए हैं। परवीन और लवलीना के अलावा प्रिया घंघास (60 किग्रा), कपिल पोखरिया (90 किग्रा) और नरेंद्र बरवाल (+90 किग्रा) कांस्य पदक जीत चुके हैं।
Bihar News : भारतीय मुक्केबाज परवीन हुड्डा ने शुक्रवार को एशियन गेम्स में महिलाओं के 65 किलोग्राम वर्ग का स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। जापान के नागोया में खेले गए फाइनल मुकाबले में परवीन ने चीनी ताइपे की पेरिस ओलंपिक कांस्य पदक विजेता चेन निएन-चिन को 3-2 के करीबी स्प्लिट डिसीजन से हराया। यह एशियन गेम्स में परवीन का पहला स्वर्ण पदक है।
इससे पहले भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने भी महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। अपने 29वें जन्मदिन पर रिंग में उतरीं लवलीना ने चीन की जियी बाओ को 5-0 से मात दी। पिछले एशियन गेम्स में रजत पदक जीतने वाली लवलीना ने इस बार पदक का रंग बदलते हुए स्वर्ण हासिल किया।
परवीन और लवलीना के स्वर्ण पदकों के साथ भारत ने महिलाओं की बॉक्सिंग में एशियन गेम्स स्वर्ण के लिए 12 साल से चले आ रहे इंतजार को खत्म किया। दोनों मुक्केबाज अब दिग्गज भारतीय बॉक्सर एमसी मैरी कॉम के साथ उस विशेष सूची में शामिल हो गई हैं, जिसमें भारत की महिला मुक्केबाजों ने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता है। मैरी कॉम ने 2014 इंचियोन एशियन गेम्स में महिलाओं के 51 किलोग्राम फ्लाइवेट वर्ग में गोल्ड जीता था।
एशियन गेम्स के इस संस्करण में भारतीय मुक्केबाजी दल का प्रदर्शन भी मजबूत रहा है। भारत ने अब तक छह पदक पक्के किए हैं। परवीन और लवलीना के अलावा प्रिया घंघास (60 किग्रा), कपिल पोखरिया (90 किग्रा) और नरेंद्र बरवाल (+90 किग्रा) कांस्य पदक जीत चुके हैं।
एशियन गेम्स में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ बॉक्सिंग प्रदर्शन 2010 के ग्वांगझू खेलों में रहा था, जहां भारतीय मुक्केबाजों ने कुल नौ पदक जीते थे। इनमें दो स्वर्ण, तीन रजत और चार कांस्य पदक शामिल थे।
एशियन गेम्स में भारतीय मुक्केबाजों का यह शानदार प्रदर्शन पिछले महीने ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में उनके रिकॉर्ड प्रदर्शन के बाद आया है।