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199 साल बाद भारत को वापस मिलेगा वीर शिवाजी का यह खास हथियार, दुश्मनों को एक ही वार में इससे कर देते थे ढेर

199 साल बाद भारत को वापस मिलेगा वीर शिवाजी का यह खास हथियार, दुश्मनों को एक ही वार में इससे कर देते थे ढेर

DESK : एक तरफ नई दिल्ली में जी-20 सम्मेलन में भारत विश्व के बड़े देशों के राष्ट्रध्यक्षों की मेजबानी कर रही है। वहीं दूसरी तरफ एक और अच्छी खबर सामने आ रही है। जो कि वीर शिवाजी महाराज से जुड़ी है।  छत्रपति शिवाजी महाराज के सबसे छत्रपति शिवाजी महाराज के सबसे खास हथियार 'बाघ नख' को जल्द ही देश वापस लाने की तैयारी है। लगभग दो सौ साल से ये बाघ नख लंदन के विक्टोरिया एंड अल्बर्ट म्यूजियम में रखा हुआ है। यूनाइटेड किंगडम के अधिकारियों ने वो 'बाघ नख' लौटाने पर अब सहमति दे दी है।

1824 में भारत से पहुंचा था लंदन

एक रिपोर्ट के मुताबिक शिवाजी महाराज का ये विशेष हथियार आजादी से पहले मराठा राज्य की राजधानी सतारा में ही था। अंग्रेजों के भारत आने के बाद मराठा पेशवा के प्रधानमंत्री ने इसे ईस्ट इंडिया कंपनी के अधिकारी जेम्स ग्रांट डप को बतौर तोहफा दे दिया था। इसके बाद जब अधिकारी 1824 में अपने देश ब्रिटेन पहुंचे थे तो उन्होंने इस वहां के विक्टोरिया और अल्बर्ट म्यूजियम को दान कर दिया था। ये उस वक्त से वहीं था।

महाराष्ट्र सरकार की पहल

महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार की पहल पर, शिवाजी काल का यह विशेष हथियार वापस आएगा। इसे वापस लाने के लिए सांस्कृतिक मामलों के मंत्री, विभाग प्रमुख सचिव, निदेशक, पुरातत्व और संग्रहालय निदेशालय के प्रतिनिधिमंडल ने लंदन में विक्टोरिया और अल्बर्ट संग्रहालय और अन्य संग्रहालयों का दौरा किया था और वहां इसको लेकर एक समझौता किया गया था।


6.7 फीट के अफजल खान को इससे किया था ढेर

बता दें कि वीर शिवाजी ने 6.7 फीट के दुश्मन अफजल खान को इसी बाघ नख के जरिए मौत के घाट उतारा था। शिवाजी पर लिखी गई किताब 'शिवाजी एंड हिज टाइम्स' के मुताबिक यह घटना साल 1659 की है। बीजापुर सल्तनत के राजा आदिल शाह ने अफजाल खान को गुलामी स्वीकार करवाने के लिए शिवाजी के पास भेजा था। शिवाजी इस मुलाकात में अपने दो वफादारों के साथ पहुंचे थे। वहीं अफजाल खान पांच लोगों के साथ वहां आया था। 

गले लगाने के बहाने अफजल खान पर किया बाघ नख से वार

शिवाजी को अफजाल खान की मंशा पर पहले से ही शक था और वो पूरी तैयारी करके आए थे। अफजाल खान ने गले लगाने के बहाने शिवाजी की हत्या करने की कोशिश की, हालांकि शिवाजी ऐसे किसी संभावित हमले को लेकर पहले से ही सावधान थे। जैसे ही अफजाल ने गले लगाने के बहाने शिवाजी पर वार किया, शिवाजी ने फौरन अपना विशेष हथियार बाघ नख निकाला और अफजाल खान को मौत के घाट उतार दिया।

ऐसा होता है बाघ नख

बाघ नख स्टील का बना एक हथियार है जिसमें बाघ के पंजों के नाखून की तरह नुकीली छड़ें लगी होती हैं. यह व्यक्ति के हाथ की मुट्टी में फिट बैठ जाता है। इसके दोनों तरफ रिंग होता है जिसे हाथ की पहली और चौथी उंगली में पहन लिया जाता है. इससे यह हाथ में फिट बैठ जाता है. इसके बाद हमला करने पर यह सामने वाले व्यक्ति को लहूलुहान कर देता है। इससे किसी की हत्या भी की जा सकती है। बताया जाता है कि वीर शिवाजी अपनी सुरक्षा के लिए इस विशेष हथियार को हमेशा अपने साथ रखा करते थे।

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