Navratri 2026: नवरात्रि में कलश स्थापना करते समय न करें ये गलतियां, जानें सही दिशा से लेकर नारियल रखने तक के नियम

वरात्रि में घटस्थापना को पूजा की शुरुआत का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। श्रद्धालु अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना कर मां दुर्गा की आराधना शुरू कर सकते हैं।

Navratri 2026
Navratri 2026- फोटो : news4nation

Navratri :  मां दुर्गा की आराधना का महापर्व शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। नवरात्रि के पहले दिन यानी आश्विन शुक्ल प्रतिपदा को घरों और मंदिरों में कलश स्थापना या घटस्थापना के साथ नौ दिनों की पूजा शुरू होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विधि-विधान से कलश स्थापना करने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता आती है। अगर आप भी इस नवरात्रि अपने घर में कलश स्थापित करने जा रहे हैं, तो पूजा की तैयारी से लेकर कलश की दिशा और नारियल रखने तक कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।


1. किस धातु के कलश का करें इस्तेमाल?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घटस्थापना के लिए सोने, चांदी, तांबे या मिट्टी के कलश का इस्तेमाल किया जा सकता है। पूजा के लिए कलश साफ और साबुत होना चाहिए। परंपरागत रूप से लोहे या स्टील के बर्तनों के बजाय पूजा में मान्य कलश का उपयोग करने की सलाह दी जाती है।


2. पूजा स्थल की सफाई है जरूरी

कलश स्थापना से पहले पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें। कलश को भी अंदर और बाहर से साफ कर लें। मान्यता के अनुसार, घटस्थापना रसोई या शौचालय के पास करने से बचना चाहिए। पूजा के लिए शांत और स्वच्छ स्थान चुनें।


3. अखंड ज्योत जलाने की परंपरा

नवरात्रि में कई श्रद्धालु कलश स्थापना के साथ अखंड ज्योत जलाते हैं। इसे पूरे नौ दिनों तक जलाए रखने की परंपरा है। यदि अखंड ज्योत जला रहे हैं, तो आग से सुरक्षा का ध्यान रखें और दीपक को सुरक्षित स्थान पर रखें।


4. खंडित कलश का न करें इस्तेमाल

घटस्थापना के लिए हमेशा साबुत कलश का चयन करें। कलश स्थापित करने के बाद उसे बार-बार स्थानांतरित करने से बचें। पूजा के दौरान स्वच्छता बनाए रखें और कलश को गंदे हाथों से न छुएं।


5. कलश स्थापना की सही दिशा

वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कलश स्थापना के लिए घर का पूर्व, उत्तर या ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा शुभ मानी जाती है। पूजा के लिए ऐसी जगह चुनें, जहां श्रद्धालु आराम से बैठकर आराधना कर सकें।


6. कलश और नारियल रखने का तरीका

परंपरा के अनुसार, कलश को मां दुर्गा की तस्वीर या प्रतिमा के दाईं ओर रखा जाता है। कलश के ऊपर जल वाला कच्चा नारियल स्थापित किया जा सकता है। नारियल को लिटाकर रखने पर उसके तीन आंखों वाले हिस्से को पूजा करने वाले की ओर रखने की मान्यता है। यदि नारियल खड़ा रखा जाए, तो उसे परंपरा के अनुसार स्थिर और सुरक्षित तरीके से स्थापित करें।


नवरात्रि में घटस्थापना को पूजा की शुरुआत का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। श्रद्धालु अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना कर मां दुर्गा की आराधना शुरू कर सकते हैं।