'यह तो पहले से तय था': नीतीश कुमार के इस्तीफे पर तेजस्वी यादव का बड़ा प्रहार, बीजेपी पर लगाया 'धोखाधड़ी' का आरोप

नीतीश कुमार के एमएलसी पद से इस्तीफे पर तेजस्वी का बयान, बिहार में बिजली दरों पर तेजस्वी यादव का हमला, तेजस्वी यादव का एलडीएफ गठबंधन केरल, भाजपा की महिलाओं के साथ वादाखिलाफी पर तेजस्वी की टिप्पणी।

'यह तो पहले से तय था': नीतीश कुमार के इस्तीफे पर तेजस्वी याद
न्यूज4नेशन संवाददाता धीरज सिंह के साथ साक्षात्कार देते तेजस्वी यादव।- फोटो : धीरज सिंह

New Delhi - : बिहार की राजनीति में मचे घमासान के बीच नेता प्रतिपक्ष और आरजेडी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे और एमएलसी पद छोड़ने पर तीखी प्रतिक्रिया दी हैन्यूज4नेशन के संवाददाता धीरज सिंह के साथ विशेष बातचीत में तेजस्वी ने दावा किया कि नीतीश कुमार का यह कदम कोई चौंकाने वाला निर्णय नहीं है, बल्कि यह चुनाव से पहले ही तय हो चुका थाउन्होंने इसे भाजपा और जेडीयू के कुछ खास नेताओं द्वारा थोपा गया निर्णय बताया और कहा कि बिहार में अब बदलाव की पटकथा पहले ही लिखी जा चुकी है.

नीतीश का इस्तीफा और 'थोपा हुआ' निर्णय

तेजस्वी यादव ने साफ तौर पर कहा कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाना भाजपा की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हैउनके अनुसार, जेडीयू के जो नेता भाजपा के संपर्क में हैं, उन्होंने मिलकर यह दबाव बनाया है. तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग टीवी पर भावुक होने का नाटक कर रहे हैं, उन्हें न तो नीतीश कुमार से मतलब है और न ही पार्टी की विचारधारा से; उन्हें सिर्फ अपने निजी स्वार्थ और सत्ता की मलाई से सरोकार है.

महिलाओं से वादाखिलाफी और बिजली बिल पर घेरा

भाजपा पर हमला तेज करते हुए तेजस्वी ने चुनावी वादों को 'धोखा' करार दियाउन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय महिलाओं को ₹10,000 बांटे गए और बाद में ₹1,90,000 देने का जो लालच दिया गया था, वह अब तक गायब हैइसके अलावा, उन्होंने बिजली की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताते हुए कहा कि बिहार में पहले से ही देश की सबसे महंगी बिजली मिल रही थी, और अब सरकार ने फ्री यूनिट के नाम पर जनता की जेब काटने का नया रास्ता निकाल लिया है.

केरल और बंगाल में भाजपा को रोकने की तैयारी

बिहार से बाहर अपनी सक्रियता बढ़ाते हुए तेजस्वी यादव अब केरल और पश्चिम बंगाल के मोर्चे पर डटने जा रहे हैंउन्होंने बताया कि वे केरल में एलडीएफ (LDF) गठबंधन के साथ तीन सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं और वहां तीन दिवसीय सघन प्रचार अभियान का हिस्सा बनेंगेपश्चिम बंगाल के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा को रोकने के लिए ममता बनर्जी ही सबसे सशक्त विकल्प हैं, इसलिए आरजेडी वहां टीएमसी (TMC) का पूरा समर्थन कर रही है.

झारखंड का दौरा और भविष्य की रणनीति

तेजस्वी ने अपनी भविष्य की योजनाओं को साझा करते हुए बताया कि वे झारखंड में भी एक दिन के चुनाव प्रचार के लिए जाएंगेउनका यह आक्रामक रुख साफ संकेत देता है कि वे केवल बिहार तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर 'इंडिया' गठबंधन को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैंअब देखना यह होगा कि नीतीश कुमार के अगले कदम के बाद बिहार की सत्ता में जो शून्य पैदा होगा, उसे भरने के लिए तेजस्वी यादव की यह 'चुनावी घेराबंदी' कितनी कारगर साबित होती है.