पवन खेड़ा पर आया सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के कई पासपोर्ट मामले में बड़ी राहत

पूरा मामला खेड़ा द्वारा लगाए गए उन आरोपों से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने रिनिकी भुइयां सरमा के पास कई विदेशी पासपोर्ट और विदेशों में वित्तीय हित होने का दावा किया था।

Pawan Khera
Pawan Khera- फोटो : news4nation

Pawan Khera : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने असम पुलिस द्वारा दर्ज आपराधिक मानहानि और जालसाजी के मामले में उन्हें अग्रिम जमानत दे दी। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा की शिकायत पर दर्ज किया गया था। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए हैं।


जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल चांदुरकर की बेंच ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता को हल्के में खतरे में नहीं डाला जा सकता। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि अगर खेड़ा को गिरफ्तार किया जाता है, तो उन्हें तुरंत जमानत पर रिहा किया जाए। शीर्ष अदालत ने खेड़ा को जांच में पूरा सहयोग करने, जरूरत पड़ने पर पुलिस के सामने पेश होने और सबूतों से छेड़छाड़ न करने का निर्देश दिया है। साथ ही, बिना कोर्ट की अनुमति के देश छोड़ने पर भी रोक लगाई गई है।


कोर्ट ने यह भी कहा कि ट्रायल कोर्ट जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त शर्तें लगा सकता है। इससे पहले गुवाहाटी हाई कोर्ट ने खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। 


दरअसल, यह पूरा मामला खेड़ा द्वारा लगाए गए उन आरोपों से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने रिनिकी भुइयां सरमा के पास कई विदेशी पासपोर्ट और विदेशों में वित्तीय हित होने का दावा किया था। सुनवाई के दौरान खेड़ा की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि उनके मुवक्किल के फरार होने की कोई संभावना नहीं है और वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि महज मानहानि के मामले में हिरासत में लेकर पूछताछ करना क्यों जरूरी है।


 गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब सुनाते हुए खेड़ा को बड़ी राहत दी गई है।