नई राजनीतिक पार्टी बनाएंगे पूर्व केंद्रीय मंत्री आर के सिंह, पूर्व सीएम नीतीश और सीएम सम्राट चौधरी पर साधा निशाना
Desk : पूर्व केन्द्रीय मंत्री आर के सिंह अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने का एलान किया है. उनकी नई पार्टी का ध्यान बिहार की राजनीति पर केन्द्रित होगी....
Desk : बिहार को जल्द ही एक और राजनीतिक पार्टी मिलने जा रही है. पूर्व नौकरशाह से राजनेता बने पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह अब अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाएंगे. आर के सिंह ने बीजेपी से नाता तोड़ने के करीब पांच महीने बाद अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी लॉन्च करने की योजना बनाई है. इस बात का खुलासा उन्होने स्वंय किया है.
आर के सिंह ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि वे जल्द ही अपनी राजनीतिक पार्टी बनाएंगे. उनकी प्रस्तावित पार्टी ईमानदार, शिक्षित और जाति-निरपेक्ष व्यक्तियों को एक साथ लाएगी. सिंह ने ये भी स्पष्ट किया कि उनकी नई पार्टी बिहार की राजनीति पर ध्यान केंद्रित करेगी.
पीएम मोदी की तारीफ की
आर के सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि जब वह बीजेपी से सांसद थे, तब भी अपनी बात बेबाक रूप से रखते थे. इसके बावजूद पीएम नरेंद्र मोदी ने अपनी कैबिनेट में उन्हें सात साल तक रखा. उन्हें ऊर्जा मंत्री बनाया गया, जो कि बहुत बड़ी बात है.
पूर्व सीएम नीतीश को लिया आड़े हाथ
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बारे में आरके सिंह ने कहा कि उनका पहला कार्यकाल बहुत अच्छा रहा था। हालांकि, दूसरे कार्यकाल में जमकर भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश सरकार में 99 प्रतिशत मंत्री भ्रष्टाचार में लिप्त थे। नीतीश भले ही खुद भ्रष्टाचार में शामिल नहीं थे, लेकिन उनके आसपास के लोग भ्रष्ट हों, तो यह शर्म की बात है।
सीएम सम्राट चौधरी पर साधा निशाना
वहीं आर के सिंह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को आड़े हाथों लेते हुए उनकी योग्यता पर सवाल उठाए। इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि भाजपा ने ऐसे व्यक्ति को बिहार का सीएम बनाया है, जिसका चरित्र अच्छा नहीं है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति ईमानदार नहीं है। कम पढ़ा-लिखा है। वह क्या सोच रखेगा और क्या कर पाएगा।
गौरतलब है कि आरके सिंह केंद्रीय गृह सचिव रह चुके है. नौकरी से रिटायर होने के बाद 2014 में बीजेपी में शामिल हुए थे और सांसद बनने के बाद मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे थे. पिछले साल नवंबर में निलंबित किए जाने के बाद पार्टी छोड़ दी थी. पार्टी से निलंबित किए जाने को लेकर कहा कि उन्हें कुछ मुद्दों पर खुलकर बोलने की प्रवृत्ति के कारण निलंबित किया गया था, जिसके बाद उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया.