भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026: बिहार ने दिखाई बिजली क्षेत्र में 'घाटे से मुनाफे' की दमदार तस्वीर

नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित 'भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026' में बिहार ने 'फोकस स्टेट' के रूप में अपनी उपलब्धियां साझा कीं। ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह ने बताया कि कैसे राज्य 8,700 मेगावाट की मांग पूरी कर बिजली क्षेत्र में निवेश का नया केंद्र बन गय

भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026: बिहार ने दिखाई बिजली क्षेत्र म

New Delhi - यशोभूमि के गुलमोहर हॉल में आयोजित विशेष सत्र "बिहार में ऊर्जा विकास: नवाचार, समावेशन एवं निवेश" के दौरान राज्य की वित्तीय प्रगति को रेखांकित किया गया। बिहार की बिजली ट्रांसमिशन उपयोगिता, जो वित्त वर्ष 2014 में 342 करोड़ रुपये के घाटे में थी, वित्त वर्ष 2025 में 2,004 करोड़ रुपये के शानदार लाभ में पहुँच गई है। यह बदलाव राज्य की मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति और वित्तीय अनुशासन का परिणाम है।

 मांग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी और आर्थिक विकास की रफ्तार

बिहार में बिजली की चरम मांग (Peak Demand) में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। दशक भर पहले के निचले स्तर से उबरकर अब राज्य 8,700 मेगावाट से अधिक की मांग को सफलतापूर्वक पूरा कर रहा है। ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह ने बताया कि यह वृद्धि राज्य की तीव्र आर्थिक प्रगति और घर-घर तक बिजली की बेहतर उपलब्धता का स्पष्ट प्रमाण है।

स्मार्ट मीटरिंग और दक्षता में देश का नेतृत्व


बिहार स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के मामले में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। अब तक 87 लाख से अधिक मीटर स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और राजस्व संग्रह में सुधार हुआ है। इसके साथ ही, एटी एंड सी (AT&C) हानियों को घटाकर 15.5% तक सीमित करना ऊर्जा विभाग की एक बड़ी तकनीकी और परिचालन सफलता मानी जा रही है।

भविष्य की रूपरेखा: 81,000 करोड़ रुपये का विशाल निवेश

राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए बिजली क्षेत्र के बुनियादी ढांचे (उत्पादन, पारेषण और वितरण) में 81,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की योजना बनाई है। ऊर्जा सचिव ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि बिहार में समयबद्ध अनुमोदन और पारदर्शी नियामक वातावरण उपलब्ध है, जो विशेष रूप से TBCB मार्ग से आने वाले निवेशकों के लिए अनुकूल है।

स्वच्छ ऊर्जा की ओर कदम: 2030 का बड़ा लक्ष्य

सतत विकास की दिशा में बिहार ने 2030 तक 24 GWH नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता प्राप्त करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। शिखर सम्मेलन में एनटीपीसी, अडानी समूह और एलएंडटी जैसी प्रमुख कंपनियों के प्रमुखों के साथ हुई पैनल चर्चा में बिहार के उभरते ऊर्जा इकोसिस्टम पर भरोसा जताया गया। राज्य का ध्यान अब सौर और अन्य हरित ऊर्जा स्रोतों के माध्यम से 'क्लीन ट्रांजिशन' सुनिश्चित करने पर है।