Bihar Crime: मजदूर की कत्ल के बाद मध्यस्थता करने पहुंचे मुखिया को लोगों ने लाठी-डंडों और लात-घूसों से दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, गांव में तनाव बरकरार

Bihar Crime: मजदूरी करने गए एक नौजवान की मौत के बाद भड़की जनता के गुस्से का शिकार स्थानीय जनप्रतिनिधि को होना पड़ा।

Vaishali Mukhiya Beaten Roadblock After Labourer Death
मुखिया की बेरहमी से पिटाई!- फोटो : reporter

Bihar Crime: बिहार के वैशाली जिले के पातेपुर इलाके से एक बेहद खौफनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां मजदूरी करने गए एक नौजवान की मौत के बाद भड़की जनता के गुस्से का शिकार स्थानीय जनप्रतिनिधि को होना पड़ा। सड़क पर लगा जाम खुलवाने पहुंचे पंचायत के मुखिया को बेकाबू भीड़ ने दौड़ा-दौड़ा कर पीट दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।

पुणे में मजदूर का कत्ल, गांव पहुंचते ही भड़का गुस्सा

यह पूरा विवाद चांदपुरा गांव के रहने वाले 22 वर्षीय मजदूर सकिंदर कुमार की मौत से जुड़ा है। सकिंदर रोजगार की तलाश में पुणे गया हुआ था, जहां ठेकेदार पर उसकी बेरहमी से हत्या करने का संगीन आरोप लगा है। सोमवार की दोपहर जैसे ही मृतक की लाश उसके गृहनगर पहुंची, तो परिजनों और स्थानीय लोगों के सब्र का बांध टूट गया।गुस्साए ग्रामीणों ने इंसाफ की मांग को लेकर लाश को आरोपी ठेकेदार के दरवाजे पर रख दिया और पातेपुर-बलिगांव मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और पूरा इलाका पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारों से गूंज उठा।

मध्यस्थता करने पहुंचे मुखिया पर टूटा भीड़ का कहर

सड़क पर बढ़ते तनाव और अवाम की परेशानी को देखते हुए बलिगांव पंचायत के मुखिया राम इकबाल चौरसिया मामले में दखल देने और जाम को खत्म कराने के मकसद से मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने लोगों को समझाने और कानून का सहारा लेने की गुजारिश की, लेकिन इंसाफ की आग में जल रही गुस्साए भीड़ का मिजाज और बिगड़ गया।देखते ही देखते भीड़ ने आपा खो दिया और मुखिया पर हमला बोल दिया। लोगों ने उन्हें लाठी-डंडों और लात-घूसों से दौड़ा-दौड़ा कर पीटना शुरू कर दिया। मुखिया अपनी जान बचाने के लिए भागते दिखे, जबकि उपद्रवी उनका पीछा करते रहे। इस वारदात से इलाके में दहशत फैल गई।

तनाव बरकरार, पुलिस-प्रशासन मुस्तैद

घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। मकामी पुलिस आक्रोशित लोगों को शांत कराने और सड़क से जाम हटाने की लगातार कोशिश कर रही है। हालांकि, ग्रामीण और पीड़ित परिवार अपनी मांग पर अड़े हैं। उनका साफ कहना है कि जब तक कातिल ठेकेदार की गिरफ्तारी नहीं होती और पीड़ित परिवार को मुआवजा नहीं मिलता, तब तक उनका यह एहतजाज (प्रदर्शन) जारी रहेगा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल पूरी मुस्तैदी से तैनात है।

रिपोर्ट- ऋषभ कुमार