बिहार में डिग्री का काला बाजार फिर बेनकाब! कॉलेजों की करतूत,सीट से ज्यादा दाखिला, दो-दो यूनिवर्सिटी से जुगाड़

Bihar education scam: बीबीए में जहां 300 सीट तय थीं, वहां 411 छात्रों का दाखिला ठोक दिया गया। बीसीए में 300 की जगह 413 छात्रों को एंट्री दे दी गई।

Vaishali Fake Degree Racket Busted Colleges Under Scanner
बिहार में डिग्री का काला बाजार फिर बेनकाब!- फोटो : reporter

Bihar education scam: वैशाली, जो कभी टॉपर घोटाला और डिग्री स्कैम के काले कारनामों से बदनाम रहा, एक बार फिर शिक्षा के नाम पर धोखाधड़ी के दलदल में फंसता नजर आ रहा है। हाजीपुर के इंदू देवी रंजीत कुमार प्रकाश प्रोफेशनल कॉलेज और डॉ. रंजीत कुमार प्रकाश कॉलेज की कारगुजारियों ने शिक्षा सिस्टम की पोल खोल दी है। यहां पढ़ाई कम और जुगाड़-तंत्र ज्यादा चलता दिख रहा है।

डीएम वर्षा सिंह के हुक्म पर बनी जांच टीम जब इन कॉलेजों में छापा-जांच के अंदाज में पहुंची, तो अंदर का खेल देख दंग रह गई। उप विकास आयुक्त कुंदन कुमार समेत अफसरों की टीम ने 23 मार्च को जो तहकीकात की, उसमें कई ऐसे सुराग मिले जो सीधे-सीधे शिक्षा माफिया की बू दे रहे हैं।

सबसे बड़ा खुलासा सीट से ज्यादा एडमिशन का खेल। बीबीए में जहां 300 सीट तय थीं, वहां 411 छात्रों का दाखिला ठोक दिया गया। बीसीए में 300 की जगह 413 छात्रों को एंट्री दे दी गई। सवाल उठता है क्या यहां क्लासरूम रबर का बना है या फिर डिग्री बेचने का धंधा चल रहा है?

मामला यहीं नहीं रुका। जांच में सामने आया कि एक ही कोर्स के लिए कॉलेज ने दो-दो यूनिवर्सिटी से संबद्धता ले रखी है। एमबीए में एक तरफ बाबा साहब भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय से 240 सीट, तो दूसरी तरफ आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी से 360 सीट! यही हाल एमसीए का भी दोनों जगह से अलग-अलग सीटें। अब ये डबल गेम किसकी मिलीभगत से खेला गया, यही सबसे बड़ा राज है।

सूत्रों की मानें तो यह पूरा मामला सिर्फ सीट बढ़ाने का नहीं, बल्कि डिग्री के कारोबार का हिस्सा भी हो सकता है जहां बिना सही पढ़ाई के छात्रों को कागजी डिग्री थमाने का खेल चलता है। यानी ज्ञान नहीं, सिर्फ सर्टिफिकेट का सौदा!

जिला प्रशासन ने इस गोरखधंधे पर शिकंजा कसते हुए विश्वविद्यालयों को संबद्धता पर पुनर्विचार की सिफारिश कर दी है। अब सवाल ये है क्या इस बार भी कार्रवाई फाइलों में सिमट जाएगी, या फिर इस शिक्षा माफिया का सच में खात्मा होगा? वैशाली की फिजा में एक बार फिर वही पुराना सवाल गूंज रहा है यहां डिग्री मिलती है या धोखा?

रिपोर्ट- ऋषभ कुमार