बिहार में जमीन घोटाले का बड़ा खुलासा, सरकारी जमीन को निजी बनाने के खेल का हुआ खुलासा, अधिकारी पर FIR से मचा हड़कंप
Bihar Land: सरकारी जमीन से जुड़ी गड़बड़ी के एक गंभीर मामले में अब कानूनी शिकंजा कसना शुरू हो गया है। ...
Bihar Land: सरकारी जमीन से जुड़ी गड़बड़ी के एक गंभीर मामले में अब कानूनी शिकंजा कसना शुरू हो गया है। कार्यपालक दंडाधिकारी नूतन कुमार के लिखित आवेदन के आधार पर सुपौल थाना में कांड संख्या 218/2026 दर्ज कर लिया गया है, जिसमें सदर अंचल के अंचल अधिकारी समेत राजस्व कर्मचारी पर गंभीर इल्जाम लगाए गए हैं।सुपौल जिले से बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है। मामला सरकारी जमीन की गलत प्रविष्टि और उसमें कथित तौर पर निजी फायदे के लिए हेरफेर करने से जुड़ा है। आरोप है कि संबंधित अधिकारियों ने विभागीय उसूलों और नियमों को दरकिनार करते हुए सरकारी भूमि को गलत तरीके से निजी खाते में दर्ज कर दिया। इतना ही नहीं, ऑनलाइन जमीन अभिलेखों में भी छेड़छाड़ कर असल हकीकत को बदलने की कोशिश की गई।
सूत्रों के मुताबिक, पहले से मौजूद जमाबंदी रिकॉर्ड और सरकारी दस्तावेजों के उलट जाकर बदलाव किए गए, जिससे सरकारी संपत्ति की स्थिति प्रभावित हुई। यह पूरा मामला सामने आने के बाद कार्यपालक दंडाधिकारी ने इसे बेहद संगीन मानते हुए दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की सिफारिश की, जिस पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कर लिया।
थानाध्यक्ष ने पुष्टि की है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और संबंधित दस्तावेजों के साथ-साथ ऑनलाइन रिकॉर्ड की भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, तो और भी कई अनियमितताओं का पर्दाफाश हो सकता है। वहीं जिला प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि सरकारी जमीन से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब सबकी निगाहें इस जांच पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि जमीन के इस खेल के पीछे कितने बड़े चेहरे बेनकाब होते हैं।
रिपोर्ट - विनय कुमार मिश्र