Bihar Chhapra Murder: सारण में दोहरे हत्याकांड के गवाह की गोलियों से छलनी कर हत्या, गवाही की कीमत मौत, सड़क पर फूटा गुस्सा, SIT ने संभाली जांच

Bihar Chhapra Murder: अपराधियों ने बेखौफ अंदाज़ में दोहरे हत्याकांड के एक अहम गवाह की गोली मारकर हत्या कर दी। ...

Saran Double Murder
दोहरे हत्याकांड के गवाह की गोलियों से छलनी कर हत्या- फोटो : reporter

Bihar Chhapra Murder: सारण जिले से कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में रविवार की देर रात अपराधियों ने बेखौफ अंदाज़ में दोहरे हत्याकांड के एक अहम गवाह की गोली मारकर हत्या कर दी। इस खौफनाक घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और ग़म का माहौल पसर गया, जबकि आक्रोशित ग्रामीणों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। लोगों ने सड़क जाम कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपराधियों की फौरन गिरफ्तारी की मांग उठाई।

जानकारी के मुताबिक, 28 और 29 जून 2026 की दरम्यानी रात करीब 12:20 बजे पुलिस को सूचना मिली कि मेथवलिया चौक से चनचौरा जाने वाली सड़क पर एक मोटरसाइकिल दुर्घटनाग्रस्त हालत में पड़ी है। सूचना मिलते ही गश्ती दल मौके पर पहुंचा तो वहां दो युवक गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले। दोनों की पहचान मेथवलिया गांव निवासी पंकज राय और मनीष कुमार के रूप में हुई। पुलिस ने बिना देर किए दोनों को सदर अस्पताल, छपरा पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने पंकज राय को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल मनीष कुमार को बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

शुरुआती जांच में दोनों के शरीर पर गोली लगने के निशान मिलने के बाद यह साफ हो गया कि मामला सड़क हादसे का नहीं, बल्कि सुनियोजित हमले का है। वारदात की सूचना मिलते ही वरीय पुलिस अधीक्षक और सदर-1 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मौके पर पहुंचे तथा परिजनों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।

पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उन्होंने इस हत्याकांड को और भी गंभीर बना दिया है। मृतक पंकज राय मुफ्फसिल थाना कांड संख्या-336/2024 के दोहरे हत्याकांड में एक महत्वपूर्ण गवाह थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने पूर्व में पुलिस सुरक्षा के बीच न्यायालय में अपनी गवाही भी दर्ज कराई थी। ऐसे में इस हत्या को पुरानी अदावत, गवाही और आपराधिक साज़िश से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे गवाहों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।

घटना के बाद इलाके में भारी तनाव व्याप्त हो गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी के साथ पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज कर दी गई है तथा कई संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी चल रही है। घायल मनीष कुमार से मिली प्रारंभिक जानकारी के आधार पर दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। फिलहाल पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश कर सभी दोषियों को कानून के शिकंजे तक पहुंचाया जाएगा।

रिपोर्ट-धर्मेंद्र रस्तोगी