Bihar Police Video: मारेब सिक्सर के छह गोली छाती में रे...डीजीपी की नसीहत पर भारी पड़ा महिला सिपाहियों के रीलबाजी का नशा, वर्दी में ठुमके, हाथ में मोबाइल और कानून की तौहीन से विभाग में हड़कंप
वर्दीधारी महिला पुलिसकर्मी उस भोजपुरी गाने पर झूमती दिख रही हैं, जो कभी अपराध और क्राइम कल्चर की पहचान माना जाता था ...मारब सिक्सर के 6 गोली छाती में रे...। ...
Bihar Police Video:बिहार पुलिस के मुखिया डीजीपी विनय कुमार ने रीलबाज़ पुलिसकर्मियों पर सख्त तेवर दिखाते हुए साफ फरमान जारी किया था कि वर्दी पहनकर सोशल मीडिया पर तमाशा नहीं, बल्कि जनता की हिफाजत पहली जिम्मेदारी है। उन्होंने नसीहत दी थी कि पुलिसकर्मी अपनी एनर्जी रील बनाने में नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था दुरुस्त करने में लगाएं। मगर लगता है ये हिदायत कागजों तक ही सिमट कर रह गई, क्योंकि जमीनी हकीकत में वर्दी का रुतबा रील और ठुमकों के नीचे दबता नजर आ रहा है।
ताज़ा मामला सहरसा जिले के बरियाही स्थित होमगार्ड कैंप का बताया जा रहा है, जहां वर्दीधारी महिला पुलिसकर्मी उस भोजपुरी गाने पर झूमती दिख रही हैं, जो कभी अपराध और क्राइम कल्चर की पहचान माना जाता था ...मारब सिक्सर के 6 गोली छाती में रे...। गाने के बोल जहां गोली, खून और दहशत की बू बिखेरते हैं, वहीं वर्दी में ठुमके लगाती महिला जवान विभागीय अनुशासन की खुलेआम धज्जियां उड़ाती नजर आ रही हैं।
विडियो में नजारा और भी दिलचस्प या कहें चिंताजनक है। महिला पुलिसकर्मी डांस को पूरी शिद्दत से एंजॉय कर रही हैं, और सामने पुरुष पुलिसकर्मियों का हुजूम मोबाइल कैमरा ऑन किए खड़ा है। कोई रोकने वाला नहीं, कोई टोकने वाला नहीं। कानून की रखवाली करने वाले ही कानून की हदों को रौंदते दिखाई दे रहे हैं।
हालांकि न्यूज4नेशन इस वीडियो की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता, लेकिन वीडियो सामने आते ही सहरसा से पटना तक पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस मुख्यालय ने फौरन सफाई तलब कर ली है। बताया जा रहा है कि यह कार्यक्रम पासिंग आउट परेड के बाद आयोजित एक कार्यक्रम का था, लेकिन सवाल यह है कि क्या वर्दी में विवादित गानों पर डांस भी अब ऑफिशियल प्रोग्राम का हिस्सा बन चुका है?
होमगार्ड के डीएससी संजीव कुमार ने माना है कि वीडियो में दिख रही महिला होमगार्ड जवानों की पहचान कर ली गई है और उनसे जवाब मांगा गया है। जवाब संतोषजनक नहीं हुआ तो अनुशासनात्मक कार्रवाई तय मानी जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कैंप परिसर में ऐसी गुस्ताखी की इजाजत आखिर किसने दी।
सबसे बड़ा सवाल है कि जिन डीजीपी विनय कुमार ने सोशल मीडिया को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए थे, उन्हीं के मातहत वर्दीधारी जवान उस नसीहत को भूलकर ‘डांस फ्लोर’ पर कानून का मखौल उड़ाते नजर आए। सवाल यही है बिहार पुलिस वाकई अपराध से लड़ रही है या फिर खुद रील और रिवायतों की गिरफ्त में फंसती जा रही है?