बिहार में फिल्मी स्टाइल में चोरी, स्कॉर्पियो का शीशा तोड़ कर चोर उड़ा ले गए कैश बैग, CCTV में कैद हुई पूरी वारदात

Bihar Crime:दिनदहाड़े स्कॉर्पियो गाड़ी को निशाना बनाकर बदमाशों ने फिल्मी अंदाज में शीशा तोड़ा और अंदर रखा दो लाख रुपये से भरा बैग साफ कर दिया।

Purnia Filmy heist Cash bag stolen from Scorpio
फिल्मी स्टाइल में चोरी- फोटो : reporter

Bihar Crime:पूर्णिया के सदर थाना क्षेत्र के खुश्कीबाग में अपराधियों ने ऐसा दुस्साहसिक हिट मारा कि इलाके के कारोबारियों के होश उड़ गए। दिनदहाड़े स्कॉर्पियो गाड़ी को निशाना बनाकर बदमाशों ने फिल्मी अंदाज़ में शीशा तोड़ा और अंदर रखा दो लाख रुपये से भरा बैग साफ कर दिया। वारदात इतनी शातिराना थी कि सब कुछ पलक झपकते ही सेट हो गया और बदमाश मौके से रफूचक्कर हो गए। पीड़ित व्यवसाई मोहम्मद अफाक आलम, जो भोकराहा के रहने वाले हैं, खुश्कीबाग में दुकान नंबर 27 पर अंगूर की गद्दी चलाते हैं। उन्होंने बैंक में जमा करने के लिए कैश अपनी स्कॉर्पियो में रखा था। लेकिन अपराधियों ने उनकी इस लापरवाही को मौके में बदल दिया और टकाटक ऑपरेशन को अंजाम दे डाला।

चश्मदीदों के मुताबिक, बदमाश पहले से रेकी कर रहे थे। जैसे ही मौका मिला, उन्होंने गाड़ी का शीशा तोड़ा और कैश से भरा बैग लेकर ऐसे फरार हुए जैसे पहले से पूरा ब्लूप्रिंट तैयार हो। ये पूरा खेल आसपास लगे CCTV कैमरों में कैद हो गया, जिससे पुलिस को अब अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।दिलचस्प मोड़ तब आया जब चोरी के बाद बदमाशों ने बैग को गुलाबबाग इलाके में फेंक दिया। किस्मत का खेल देखिएकसबा के एक युवक को वह बैग मिला और उसने अंदर रखे विजिटिंग कार्ड के जरिए पीड़ित से संपर्क कर दिया। इस तरह बैग तो वापस मिल गया, लेकिन दो लाख की रकम का अब तक कोई सुराग नहीं मिला।

घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। व्यापारियों में ये डर बैठ गया है कि अगर दिनदहाड़े इस तरह हाथ साफ हो सकता है, तो रात का क्या हाल होगा। लोग अब पुलिस की गश्ती और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाने लगे हैं। मामले को लेकर सदर थाना अध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। कई संदिग्धों को चिन्हित किया गया है और जल्द ही इस कैश कांड का पर्दाफाश करने का दावा किया जा रहा है।

यहां बदमाशों का टाइमिंग इतना परफेक्ट है कि कानून की पकड़ से पहले ही वो अपना खेल दिखाकर गायब हो जाते हैं। अब देखना ये है कि पुलिस इस शीशा तोड़ गैंग तक कब पहुंचती है या ये केस भी फाइलों में कैद होकर रह जाएगा।

रिपोर्ट- अंकित कुमार