Patna Newborn Body: पटना में इंसानियत पर लगा बदनुमा दाग! कचरे के ढेर में मिला नवजात का शव, कौन देगा इस मासूम के सवालों का जवाब?, हर आंख हुई नम

Patna Newborn Body: मैंने तो अभी ठीक से आंखें भी नहीं खोली थीं, दुनिया को पहचाना भी नहीं था। फिर मेरी जिंदगी का ऐसा दर्दनाक अंजाम क्यों हुआ?...

Patna Newborn  Body Found in Garbage

Patna Newborn Body: “न मेरी कोई ख्वाहिश थी, न दुनिया से कोई शिकायत थी,बस मां की गोद में सोने की चाहत थी। अभी तो जिंदगी का मतलब भी नहीं जाना था,फिर क्यों कचरे के ढेर पर मेरा ठिकाना था?”

मोकामा के साहबेगपुर मोहल्ले में नवजात का शव मिलने की दर्दनाक घटना ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। नगर के वार्ड संख्या-22 में सोमवार की सुबह कचरे के ढेर से एक नवजात का शव बरामद हुआ। इस खबर के फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटनास्थल पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। हर शख्स हैरान था, हर दिल में एक सवाल था आखिर उस नन्ही-सी जान का कसूर क्या था?

जिस उम्र में बच्चे को मां की ममता, पिता का दुलार और परिवार की मोहब्बत मिलनी चाहिए, उस उम्र में उसका शव कचरे के ढेर में मिला। यह मंजर कई लोगों के दिल को झकझोर गया। हालांकि, घटना के पीछे की असल वजह अभी सामने नहीं आई है।

कचरे के ढेर में कपड़े से ढंका मिला मासूम

स्थानीय लोगों के मुताबिक, नवजात का शव कपड़े से ढंका हुआ कचरे के ढेर में पड़ा था। सुबह जब लोगों की नजर उस पर पड़ी, तो इलाके में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई और तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं।

“मैंने तो अभी दुनिया की रीत नहीं पहचानी थी, न धूप का पता था, न रात की कहानी थी। मेरे हिस्से में अगर चंद सांसें ही लिखी थीं, तो क्या मेरी आखिरी जगह कचरे की निशानी थी?”

ये अल्फाज उस दर्द को बयां करते हैं, जिसे महसूस करना भी किसी के लिए आसान नहीं। मगर इस मामले में हकीकत क्या है, नवजात को वहां किसने रखा और किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही मिल सकेगा।

मौके पर पहुंची पुलिस, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

घटना की सूचना मिलते ही मोकामा थानाध्यक्ष कुणाल कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने नवजात के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बाढ़ भेज दिया। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, नवजात करीब सात माह का प्रतीत हो रहा था। हालांकि, उसकी वास्तविक स्थिति और मौत से जुड़े तथ्यों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही हो सकेगी।

आखिर किन हालात में हुई यह दर्दनाक घटना?

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि नवजात को कचरे के ढेर में किसने छोड़ा और इसके पीछे क्या वजह रही। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बिना ठोस सबूत के किसी व्यक्ति पर आरोप लगाना उचित नहीं होगा। साहबेगपुर की यह घटना समाज के सामने कई संजीदा सवाल छोड़ गई है। नवजात बच्चों की सुरक्षा, मुश्किल परिस्थितियों में गर्भवती महिलाओं और परिवारों को मिलने वाली मदद तथा ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है।

“खामोश पड़ा था वो, कुछ कह भी नहीं सकता था, अपने दर्द का किस्सा किसी से कह नहीं सकता था। अब इंसाफ की उम्मीद है इस बेबस जहां से, कोई तो सच सामने लाए, उस मासूम की दास्तां से।”

अब सबकी निगाहें पुलिस की तफ्तीश और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं। उम्मीद है कि इस दर्दनाक घटना की सच्चाई सामने आएगी और जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान होने पर कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

हीरेश कुमार