Shambhu Girls Hostel: पटना का हॉस्टल मिस्ट्री,शंभू गर्ल्स हॉस्टल आर्किटेक्ट के साथ पहुंची CBI टीम , खुलने वाला है राज!
Shambhu Girls Hostel: CBI की टीम इस बार अपने साथ आर्किटेक्ट को भी लेकर पहुंची थी, जिससे साफ है कि ‘क्राइम सीन’ की बारीकियों को लेकर एजेंसी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।..
Shambhu Girls Hostel: राजधानी पटना से एक बार फिर सनसनीखेज अपडेट सामने आया है, जहां NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब और उलझता जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल केस में सीबीआई ने एक बार फिर चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में दबिश दी और पूरे मामले की तहकीकात को नए सिरे से खंगाला।
सूत्रों के मुताबिक, CBI की टीम इस बार अपने साथ आर्किटेक्ट को भी लेकर पहुंची थी, जिससे साफ है कि ‘क्राइम सीन’ की बारीकियों को लेकर एजेंसी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। करीब दो घंटे तक टीम ने हॉस्टल के हर कंपार्टमेंट की गहन जांच की। इस दौरान हॉस्टल की वार्डन को भी तलब कर उससे फिर से पूछताछ की गई। बाहर Patna Police की टीम तैनात रही, ताकि कानून-व्यवस्था पर कोई आंच न आए।
इधर, इस सनसनीखेज केस में बड़ा कानूनी झटका तब लगा, जब कोर्ट ने शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। ADJ-6 की अदालत ने पहले ही फैसला सुरक्षित रख लिया था, लेकिन अब साफ कर दिया कि आरोपी फिलहाल जेल में ही रहेगा। पीड़ित पक्ष के वकील एस.के. पांडेय ने इसकी पुष्टि की।
सुनवाई के दौरान अदालत ने केस की शुरुआती जांच अधिकारी रहीं तत्कालीन थानेदार रौशनी कुमारी से तीखे सवाल दागे। कोर्ट ने पूछा कि मुख्य गवाहों और छात्रा की सहपाठी से पूछताछ का वीडियो रिकॉर्ड क्यों नहीं किया गया? आरोपी मनीष रंजन कब और क्यों थाने आया, उससे पूछताछ क्यों नहीं हुई इन सवालों पर पुलिस अधिकारी रौशनी कुमारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं।
अदालत ने यहां तक पूछ लिया कि आखिर किस आधार पर मनीष रंजन को गिरफ्तार किया गया और केस में उसकी भूमिका की ठोस जांच क्यों नहीं की गई। स्पेशल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर ने कोर्ट में दावा किया कि मनीष रंजन इस पूरे मामले का ‘मास्टरमाइंड’ है और हॉस्टल संचालन में उसकी अहम भूमिका रही है।
बता दें इस केस में शुरुआती जांच को लेकर सवाल उठने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 31 दिसंबर को CBI जांच की सिफारिश की थी। इसके बाद एजेंसी ने केस दर्ज कर जांच तेज कर दी है। फिलहाल सीबीआई के एएसपी पवन कुमार इस पूरे रहस्य की परतें खोलने में जुटे हैं, लेकिन अब तक यह मामला मौत, साजिश और सन्नाटे के बीच उलझा हुआ है।