नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने फिर करायी फजीहत, UGC-NET के 3 पेपर रद्द, सितंबर में दोबारा होगा एक्जाम, सवालों की गलती से मचा बवाल
UGC NET 2026: नीट पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर पहले से सवालों के घेरे में रही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी एक बार फिर कठघरे में है।
UGC NET 2026: नीट पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर पहले से सवालों के घेरे में रही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी एक बार फिर कठघरे में है। UGC-NET जून 2026 की परीक्षा में अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के प्रश्नपत्रों में गंभीर खामियां सामने आने के बाद NTA ने इन तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है। यह फैसला उम्मीदवारों की शिकायतों की जांच के लिए गठित विशेष समिति की सिफारिश के बाद लिया गया।NTA के फैसले के मुताबिक अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र की UGC-NET परीक्षा अब सितंबर में दोबारा होगी। अंग्रेजी की परीक्षा 9 सितंबर 2026 को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक, जबकि कॉमर्स की परीक्षा उसी दिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक होगी। समाजशास्त्र का पेपर 10 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित किया जाएगा। प्रभावित उम्मीदवारों से दोबारा परीक्षा के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
प्रश्नपत्र में टाइपो से लेकर तथ्यात्मक गड़बड़ी तक
इस पूरे विवाद की सबसे बड़ी वजह प्रश्नपत्रों में सामने आई कई तरह की त्रुटियां हैं। NTA की जांच में तथ्यात्मक गलतियां, टाइपिंग की खामियां, अनुवाद संबंधी त्रुटियां, विद्वानों के नामों की गलत स्पेलिंग, पुस्तकों के गलत शीर्षक और भाषा संबंधी गड़बड़ियां सामने आने की बात कही गई है। सवालों में व्याकरण, लिंग और वचन से जुड़ी त्रुटियां भी पाई गईं।
मामला सिर्फ गलतियों तक सीमित नहीं रहा। NTA के अनुसार तीनों विषयों के प्रश्नपत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे प्रश्न मिले, जो पहले पूछे जा चुके थे। मीडिया रिपोर्टों में समाजशास्त्र के पेपर में 150 में से 67 प्रश्नों के दोहराए जाने का दावा सामने आया है। हालांकि इसे सीधे पेपर लीक कहना अभी सावधानी की मांग करता है; उपलब्ध आधिकारिक आधार मुख्य रूप से प्रश्नों के दोहराव और प्रश्नपत्र की गंभीर खामियों पर केंद्रित है।
छात्रों की नाराजगी के बाद बढ़ा दबाव
UGC-NET के उम्मीदवार लंबे समय से उत्तर कुंजी और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे थे। छात्रों की ओर से विरोध और NTA के घेराव की चेतावनी के बीच एजेंसी ने उत्तर कुंजी जारी की। इसके बाद तीन विषयों के प्रश्नपत्रों को लेकर शिकायतों की जांच तेज हुई और विशेष समिति की रिपोर्ट के बाद दोबारा परीक्षा का रास्ता साफ हुआ।
NTA ने स्पष्ट किया है कि अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र को छोड़कर बाकी 84 विषयों की परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी। इन विषयों की उत्तर कुंजी पर आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया जारी है और इनके परिणाम निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार घोषित किए जाएंगे। NTA ने यह भी कहा है कि तीन विषयों की दोबारा परीक्षा के कारण JRF सीटों के आवंटन, असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता और PhD प्रवेश से जुड़े ई-सर्टिफिकेट जारी करने में देरी नहीं होगी।
अब सवाल NTA की विश्वसनीयता पर
UGC-NET का आयोजन NTA करती है और यह परीक्षा JRF, असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता तथा विभिन्न श्रेणियों में PhD प्रवेश के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में प्रश्नपत्र की गुणवत्ता में इतनी बड़ी खामी उम्मीदवारों के भविष्य पर सीधा असर डालती है।पहले परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी दिक्कतों, पेपर से जुड़े विवादों और मूल्यांकन को लेकर उठते रहे सवालों के बीच अब तीन विषयों का दोबारा एग्जाम NTA की कार्यप्रणाली पर फिर बहस छेड़ रहा है। छात्रों ने महीनों तैयारी करके परीक्षा दी थी; अब उन्हें दोबारा परीक्षा देनी होगी। राजनीतिक स्तर पर भी इस फैसले पर सवाल उठे हैं और पूछा जा रहा है कि गलती परीक्षा एजेंसी की हो तो उसकी कीमत उम्मीदवार क्यों चुकाएं?
फिलहाल NTA ने सुधारात्मक कदम के तौर पर री-एग्जाम का ऐलान कर दिया है। अब असली परीक्षा सिर्फ छात्रों की नहीं, बल्कि NTA की विश्वसनीयता, प्रश्नपत्र तैयार करने की व्यवस्था और गुणवत्ता नियंत्रण की भी है। सितंबर की दोबारा परीक्षा में किसी भी तरह की नई गड़बड़ी सामने नहीं आती, यही अब हजारों अभ्यर्थियों की सबसे बड़ी उम्मीद है।