Bihar Crime: कॉलेज की कुर्सी के विवाद मे खूनी खेल, छात्र को गोलियों से भूना, 6 घंटे तक बंद रहा बाजार

Bihar Crime: कॉलेज के मामूली विवाद ने ऐसा खूनी तांडव रचा कि पूरा इलाका दहशत में डूब गया। चं

Nawada College Row Turns Deadly
कॉलेज की कुर्सी का विवाद बना खूनी खेल,- फोटो : reporter

Bihar Crime: नवादा के हिसुआ में कॉलेज के मामूली विवाद ने मंगलवार दोपहर ऐसा खूनी तांडव रचा कि पूरा इलाका दहशत में डूब गया। चंद्रवंशी मोहल्ले में 25 वर्षीय प्रणव कुमार उर्फ पीयूष कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक शिक्षक मनीष भारती का पुत्र और बीएच पार्ट वन का छात्र था। वारदात के बाद इलाके में गुस्से की लहर दौड़ गई और हिसुआ बाजार करीब छह घंटे तक रणक्षेत्र बना रहा।

पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में कॉलेज में बैठने को लेकर विवाद की बात सामने आई है। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद स्कॉर्पियो, बलेनो और बुलेट से करीब 15 से 20 लोग चंद्रवंशी नगर पहुंचे। इसके बाद प्रणव को उसके घर से लगभग 100 मीटर की दूरी पर गोली मार दी गई। गोली लगने के बाद युवक को आनन-फानन में स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे नवादा सदर अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।वारदात के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। आरोप है कि फायरिंग करने वाले लोग अपने वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गए। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए। मृतक के चाचा जैकी कुमार ने आरोप लगाया कि गाड़ियों में सवार होकर आए लोगों ने फायरिंग की। वहीं चेतना मंच के जिला अध्यक्ष चंदन चंद्रवंशी ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग की।

मामले में गिरफ्तार किए गए अखिलेश कुमार और चंदन कुमार को लेकर पुलिस की जांच जारी है। जख्मी चंदन कुमार ने पुलिस को दिए बयान में घटना की अलग तस्वीर पेश की है। उसका दावा है कि प्रणव समेत कुछ लोगों ने पहले एक युवक के साथ मारपीट की थी। इसके बाद वे लोग विवाद सुलझाने के लिए पहुंचे थे, लेकिन वहां उन पर हमला कर दिया गया और बाद में गोली चली। चंदन के मुताबिक फायरिंग में वह और अखिलेश भी घायल हुए।यानी वारदात की असल वजह को लेकर फिलहाल दोनों पक्षों के बयान आमने-सामने हैं। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और दोनों पक्षों के दावों की जांच कर रही है। इसी पड़ताल के बाद फायरिंग की वास्तविक वजह और घटनाक्रम की तस्वीर साफ होगी।

हत्या की खबर के बाद हिसुआ बाजार में आक्रोश फूट पड़ा। 300 से ज्यादा दुकानें बंद रहीं। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य मार्ग पर आगजनी कर विरोध जताया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, कड़ी कार्रवाई तथा मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की।प्रदर्शनकारियों में नगर परिषद अध्यक्ष पूजा कुमारी, उपाध्यक्ष टिंकू चौधरी, भीम आर्मी जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र राजवंशी, हम पार्टी के प्रदेश सचिव लव कुमार सिंह और एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष सूरज सिंह समेत कई लोग शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के एनकाउंटर की मांग तक उठाई।जाम हटाने पहुंचे थाना प्रभारी मृत्युंजय कुमार, नरहट थाना प्रभारी गौतम कुमार और डीएसपी अभिषेक कुमार को भीड़ के विरोध का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारी मगध रेंज के आईजी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे।शाम करीब सात बजे मगध रेंज के आईजी विकास वैभव और एसपी अभिनव धीमान मृतक के घर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने परिवार से करीब 20 मिनट बातचीत की और कार्रवाई का भरोसा दिया। परिवार की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की गई।इसके बाद अधिकारियों के आश्वासन पर रात करीब आठ बजे छह घंटे से जारी सड़क जाम खत्म हुआ। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है।

पोस्टमार्टम के बाद प्रणव का शव परिजनों को सौंप दिया गया। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि कॉलेज के विवाद की चिंगारी आखिर इतनी बड़ी खूनी साजिश में कैसे बदल गई। किसने गोली चलाई और किस मकसद से प्रणव को निशाना बनायाइन सवालों का जवाब पुलिस की एसआईटी जांच और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों से मिलने की उम्मीद है।

रिपोर्ट- अमन कुमार