Bihar Police bribery:बिहार पुलिस की वर्दी फिर हुई दागदार, झूठे केस में फंसाकर डॉक्टर से मांगी मोटी रिश्वत,दारोगा रंगेहाथ गिरफ्तार,खाकी महकमे में मचा कोहराम

Bihar Police bribery: बिहार पुलिस के दारोगा को मोटी रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है.....

Nalanda Sub Inspector caught red handed
बिहार पुलिस की वर्दी फिर हुई दागदार- फोटो : reporter

Bihar Police bribery:झूठे केस और मोटी वसूली का खेल खत्म हो गया है। 90 हजार की रिश्वत लेते दारोगा गिरफ्तार को गिरफ्तार कर लिया गया है। नालंदा जिले से एक ऐसा वाकया सामने आया है जिसने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। राजगीर थाना क्षेत्र के गिरियक मार्ग पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब निगरानी विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए राजगीर थाना में तैनात दारोगा देवकांत कुमार को 90 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ दबोच लिया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस सिस्टम की कार्यशैली पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा मामला आर्म्स एक्ट के एक केस से जुड़ा हुआ है। शिकायतकर्ता डॉक्टर रवि शंकर कुमार ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया था। मामले की फाइल यानी डायरी को सेट करने के नाम पर दारोगा देवकांत कुमार पहले ही 20 हजार रुपये वसूल चुके थे। लेकिन यहीं पर कहानी खत्म नहीं हुई आरोप है कि इसके बाद दारोगा ने एक लाख रुपये की और डिमांड रख दी।

लंबी सौदेबाजी के बाद मामला 90 हजार रुपये में तय हुआ। जैसे ही शिकायतकर्ता ने तय रकम दारोगा को सौंपी, पहले से जाल बिछाए बैठी निगरानी विभाग की टीम ने मौके पर धावा बोल दिया और दारोगा को रिश्वत की रकम के साथ धर दबोचा। इस अचानक हुई कार्रवाई से इलाके में सनसनी फैल गई।

निगरानी विभाग की इस कार्रवाई का नेतृत्व डीएसपी श्रीराम चौधरी कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद दारोगा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। वहीं इस घटना के बाद पुलिस विभाग में खलबली मची हुई है और महकमे की छवि पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं कानून व्यवस्था पर भरोसे को कमजोर करती हैं। वहीं प्रशासन अब पूरे मामले की गहराई से जांच में जुट गया है।

रिपोर्ट- राज पाण्डेय