Bihar Crime: सास की जमीन हड़पने के लिए साले को फंसाने रची साजिश, षडयंत्र का खेल जान कर पुलिस हो गई हैरान, दामाद पहुंचा सलाखों के पीछे
Bihar Crime:सास की संपत्ति पर कब्जा जमाने के लिए पहले साले को जेल भिजवाने और फिर उसे छुड़ाने के बहाने जमीन हड़पने की सनसनीखेज साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया।...
Bihar Crime:सास की संपत्ति पर कब्जा जमाने के लिए पहले साले को जेल भिजवाने और फिर उसे छुड़ाने के बहाने जमीन हड़पने की सनसनीखेज साजिश का मुजफ्फरपुर पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। कांटी थाना क्षेत्र में 70 हजार रुपये की कथित लूट और फायरिंग की वारदात आखिरकार पुलिस की पैनी तफ्तीश में फर्जी निकली। इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड दामाद नीतीश चौबे निकला, जिसे झारखंड के देवघर से गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है।
25 जून की रात मुजफ्फरपुर के कपरपुरा ओवरब्रिज के पास मनीष कुमार से 70 हजार रुपये लूटे जाने और विरोध करने पर फायरिंग की सूचना पुलिस को मिली थी। लेकिन जब पुलिस अस्पताल पहुंची तो कथित पीड़ित के शरीर पर न गोली का निशान था, न मारपीट के कोई जख्म। यहीं से पुलिस को पूरे मामले में साजिश की बू आने लगी।
जांच के दौरान सबसे बड़ा सुराग घटनास्थल से मिला एक वोटर आईडी कार्ड और दो पुराने खोखे बने। पुलिस ने वोटर कार्ड के आधार पर दरभंगा के केवटी निवासी धर्मेश कुमार को हिरासत में लिया, लेकिन पूछताछ और पोस्टमास्टर से सत्यापन के बाद साफ हो गया कि धर्मेश का वारदात से कोई लेना-देना नहीं है। तब खुलासा हुआ कि धर्मेश का वोटर कार्ड उसकी मां से उनके दामाद नीतीश चौबे ने जरूरी काम के बहाने लिया था और उसी का इस्तेमाल साले को फंसाने की साजिश में किया गया।
मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) ने भी साजिश की परतें खोल दीं। पुलिस को पता चला कि नीतीश चौबे और मनीष कुमार लगातार संपर्क में थे। दोनों ने मिलकर फर्जी लूट की पटकथा लिखी, घटनास्थल पर वोटर कार्ड और खोखे रखे और योजना बनाई कि धर्मेश को जेल भेज दिया जाए। इसके बाद साले को छुड़ाने के नाम पर सास पर दबाव बनाकर उनकी जमीन और संपत्ति अपने नाम करा ली जाए।
पुलिस ने लोकेशन ट्रैक कर देवघर के एक होटल से नीतीश चौबे को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। डीएसपी (वेस्ट) सुचित्रा कुमारी ने बताया कि वैज्ञानिक अनुसंधान, घटनास्थल की बारीकी से जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस फर्जी लूटकांड का भंडाफोड़ किया गया। मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।यह मामला दिखाता है कि संपत्ति के लालच में रिश्तों को दांव पर लगाने वालों की साजिश कितनी भी शातिर क्यों न हो, पुलिस की सतर्क जांच के सामने आखिरकार उसका सच बेनकाब हो ही जाता है।
रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा