एबुलेंस की आड़ में काला खेल, 102 एंबुलेंस में इतना गंजा और हथियार देख हैरत में पड़ी पुलिस
Bihar Crime: जिस एंबुलेंस का काम मरीजों की जिंदगी बचाना है, उसी की आड़ में कथित तौर पर मादक पदार्थ और हथियार की तस्करी का खेल सामने आया है।
Bihar Crime: मुजफ्फरपुर में जिस एंबुलेंस का काम मरीजों की जिंदगी बचाना है, उसी की आड़ में कथित तौर पर मादक पदार्थ और हथियार की तस्करी का खेल सामने आया है। अहियापुर थाना पुलिस ने एसकेएमसीएच परिसर में कार्रवाई करते हुए 102 एंबुलेंस से दो पैकेट गांजा और एक लोडेड अवैध हथियार बरामद किया है। पुलिस ने मौके से एंबुलेंस चालक और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन यानी ईएमटी को गिरफ्तार किया है। घटना सामने आने के बाद अस्पताल परिसर से लेकर स्वास्थ्य महकमे तक हड़कंप मच गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान एंबुलेंस चालक सर्वजीत और ईएमटी मनोहर कुमार के रूप में बताई गई है। पुलिस दोनों को एसकेएमसीएच ओपी में रखकर पूछताछ कर रही है। अब जांच का फोकस इस बात पर है कि एंबुलेंस में हथियार और गांजा आखिर किस मकसद से रखा गया था और इसके पीछे कोई बड़ा तस्करी या आपराधिक नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था।जानकारी के मुताबिक, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि 102 एंबुलेंस का इस्तेमाल कथित तौर पर मादक पदार्थ और अवैध हथियार की आवाजाही के लिए किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने एसकेएमसीएच परिसर स्थित 102 एंबुलेंस कार्यालय पर दबिश दी। पुलिस टीम ने परिसर में खड़ी एंबुलेंस की सघन तलाशी शुरू की। तलाशी के दौरान वाहन के भीतर से दो पैकेट गांजा और एक लोडेड हथियार बरामद हुआ।
बरामदगी के बाद पुलिस ने एंबुलेंस चालक और ईएमटी को तत्काल हिरासत में ले लिया। दोनों से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि बरामद हथियार और मादक पदार्थ उन्हें कहां से मिले और इन्हें कहां पहुंचाया जाना था। पुलिस इस एंगल से भी पड़ताल कर रही है कि क्या एंबुलेंस को सरकारी सेवा की आड़ में किसी संगठित आपराधिक गतिविधि के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
एसकेएमसीएच के हेल्थ मैनेजर सोहैल अख्तर ने बताया कि पुलिस टीम ने परिसर में खड़ी 102 एंबुलेंस की जांच की थी, जिसके दौरान गांजा और हथियार बरामद हुआ। हालांकि मामले में पुलिस के आला अधिकारियों की ओर से फिलहाल विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।
अहियापुर थानाध्यक्ष शरत कुमार से मामले को लेकर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं एसकेएमसीएच ओपी प्रभारी पिंटू कुमार ने खुद को थाना क्षेत्र से बाहर होने की बात कही। पुलिस की चुप्पी के बीच अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाली सरकारी एंबुलेंस में हथियार और गांजा कैसे पहुंचा? क्या यह सिर्फ दो लोगों की करतूत है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क है? पुलिस जांच के बाद ही इन सवालों के जवाब सामने आएंगे।बिहार सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सरकारी अस्पतालों में 102 एंबुलेंस सेवा का संचालन आउटसोर्सिंग एजेंसी जेन प्लस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जाता है। अब जांच की आंच एंबुलेंस सेवा की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था तक भी पहुंच सकती है।
रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा