जहरीली शराब का खूनी खेल, मौत का आंकड़ा बढ़कर हुआ 7, साजिश का जाल हुआ बेनकाब, चौकीदार ही निकला तस्कर का रिश्तेदार

Motihari Liquor Case: मोतिहारी के तुरकौलिया और रघुनाथपुर में जहरीली शराब के मौत के सौदे में शनिवार को इलाज के दौरान दो और लोगों की सांसें थम गईं, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है।

Motihari Toxic liquor case guard linked to smugglers
जहरीली शराब कांड में बड़ा खुलासा- फोटो : reporter

tihari Liquor Case: मोतिहारी के तुरकौलिया और रघुनाथपुर में जहरीली शराब ने ऐसा कहर बरपाया है कि हर गली-कूचे में खौफ और मातम का साया पसरा हुआ है। इस मौत के सौदे में शनिवार को इलाज के दौरान दो और लोगों की सांसें थम गईं, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है। वहीं आधा दर्जन से ज्यादा लोग अब भी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।

गांवों में सन्नाटा ऐसा है मानो हर घर किसी न किसी दर्द से गुजर रहा हो। पुलिस और मेडिकल टीमों ने मोर्चा संभाल लिया है हर तरफ छापेमारी, जांच और निगरानी का ऑपरेशन क्लीन जारी है। लेकिन इस पूरे कांड ने सिस्टम की साख पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

इस जहरीले जाल की परतें खुलनी शुरू हुईं तो कई चौंकाने वाले राज सामने आए। कार्रवाई के तहत एसपी ने तुरकौलिया थाना के थानेदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, जबकि एक चौकीदार को गिरफ्तार कर लिया गया। हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तार चौकीदार का संबंध सीधे शराब तस्कर से निकला यानि रक्षक ही भक्षक बन बैठा था।

जांच में करीब 700 लीटर स्प्रिट जब्त किया गया है, जो पूरी तरह जहरीला पाया गया। यह वही जहर था, जिसने मासूम जिंदगियों को निगल लिया। हालांकि पुलिस की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया, वरना आंकड़ा और भयावह हो सकता था। अब तक मुख्य साजिशकर्ता समेत एक दर्जन से ज्यादा शराब कारोबारियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। पुलिस का दावा है कि इस ‘काले धंधे’ की जड़ तक पहुंचने के लिए हर एंगल से जांच की जा रही है।

लेकिन सवाल अब भी कायम है आखिर कब तक यह मौत का कारोबार यूं ही चलता रहेगा? और कब सिस्टम पूरी तरह इस जहर के कारोबार पर लगाम कस पाएगा? फिलहाल, गांवों में पसरा सन्नाटा और अस्पतालों में चल रही जंग यही गवाही दे रही है कि जहरीली शराब सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि एक खामोश कत्लेआम है, जो हर बार नई कहानी लिख जाता है।

रिपोर्ट- हिमांशु कुमार