Bihar Crime: 5 लाख की सुपारी, गवाह की हत्या की साजिश नाकाम, पुलिस के शिकंजे में दो शूटर, जेल से चल रहा था कत्ल का खेल

Bihar Crime: पुलिस ने एक बड़े आपराधिक षड्यंत्र का पर्दाफाश करते हुए हत्याकांड के एक अहम गवाह की हत्या की साजिश को नाकाम कर दिया है।

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जेल से कत्ल का खेल- फोटो : reporter

Bihar Crime: पूर्वी चंपारण पुलिस ने एक बड़े आपराधिक षड्यंत्र का पर्दाफाश करते हुए हत्याकांड के एक अहम गवाह की हत्या की साजिश को नाकाम कर दिया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो अपराधियों को पिस्टल और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। शुरुआती पूछताछ में जो खुलासा हुआ है, उसने पुलिस महकमे में भी हलचल मचा दी है। आरोप है कि जेल में बंद एक अपराधी ने हत्या के गवाह को रास्ते से हटाने के लिए 5 लाख रुपये की सुपारी दी थी।मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि अरेराज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को गुप्त सूचना मिली थी कि डुमरियाघाट थाना क्षेत्र के पहल चौक के समीप कुछ अपराधी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में जुटे हैं। सूचना मिलते ही चकिया डीएसपी संतोष कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।

पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डुमरियाघाट थाना क्षेत्र स्थित चंदन सिंह ढाबा के पास घेराबंदी की और दो संदिग्धों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान डुमरियाघाट निवासी नीरज तिवारी और संग्रामपुर थाना क्षेत्र के भवानीपुर निवासी कुंदन ठाकुर उर्फ अवनीश ठाकुर के रूप में हुई है।

तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके कब्जे से एक पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद किए। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर खुलासा किया कि पकड़ीदयाल थाना कांड संख्या 65/2016 के हत्याकांड के गवाह माधोलाल सहनी की हत्या की सुपारी उन्हें दी गई थी।

पुलिस के अनुसार यह सुपारी जेल में बंद कुख्यात अपराधी राणा सिंह द्वारा 5 लाख रुपये में दी गई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि सूरज तिवारी नामक व्यक्ति के माध्यम से इस साजिश की डील कराई गई थी। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने और मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है।गवाह की हत्या की साजिश का खुलासा होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं कि आखिर जेल में बंद अपराधी किस तरह बाहर बैठे शूटरों तक अपना नेटवर्क संचालित कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस इस एंगल पर भी गंभीरता से जांच कर रही है।

इस कार्रवाई में चकिया डीएसपी संतोष कुमार, केसरिया सर्किल इंस्पेक्टर निक्कू कुमार सिंह, संग्रामपुर थानाध्यक्ष अनूप कुमार, डुमरियाघाट थानाध्यक्ष विवेक कुमार बालेंदु समेत कई पुलिस अधिकारी शामिल थे। पुलिस का दावा है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो एक बड़े आपराधिक वारदात को अंजाम दिया जा सकता था। अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे सुपारी किलिंग नेटवर्क का पर्दाफाश करने की तैयारी चल रही है।

रिपोर्ट- हिमांशु कुमार