मैट्रिमोनियल ऐप पर हुई दोस्ती बनी 40 लाख की ठगी का जाल, सिंगापुर की लडकी होने के नाम पर बिहारी को ऐसे ठगा
युवती ने खुद को सिंगापुर की एक प्रतिष्ठित कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताया और भारत आने पर मिलने का भरोसा भी दिलाया। बाद में साइबर ठगी का शिकार बना लिया
Bihar News : मोतिहारी जिले में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मैट्रिमोनियल ऐप पर हुई दोस्ती एक युवक के लिए भारी पड़ गई। खुद को सिंगापुर की सॉफ्टवेयर इंजियर बताने वाली एक युवती ने पहले प्रेम और विश्वास का जाल बिछाया, फिर ऑनलाइन गेमिंग टास्क में निवेश के नाम पर युवक से 40 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली। पीड़ित ने इस मामले में साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस जांच में जुट गई है।
मधुबन निवासी भारत भूषण प्रसाद ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि उनकी पहचान संगम मैट्रिमोनियल ऐप पर राधिका चौधरी नाम की एक युवती से हुई थी। दोनों के बीच व्हाट्सएप पर लगातार बातचीत होने लगी। युवती ने खुद को सिंगापुर की एक प्रतिष्ठित कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताया और भारत आने पर मिलने का भरोसा भी दिलाया। बातचीत के दौरान दोनों के बीच विश्वास बढ़ता गया।
कुछ दिनों बाद युवती ने अपने एक भारतीय सहयोगी की मदद करने का हवाला देते हुए युवक को एक ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म का लिंक भेजा। उसने दावा किया कि इस प्लेटफॉर्म पर निवेश करने से कम समय में अच्छा मुनाफा मिलेगा। शुरुआत में युवक से कम राशि निवेश कराई गई और उसे कुछ लाभ भी दिखाया गया, जिससे उसका भरोसा और मजबूत हो गया।
इसके बाद ठगों ने अलग-अलग बहाने बनाकर बड़ी रकम जमा करानी शुरू कर दी। जब पीड़ित ने अपनी जमा राशि निकालने की कोशिश की तो टैक्स, सिक्योरिटी डिपॉजिट, कंपनी के नियम और तकनीकी समस्या का हवाला देकर लगातार और पैसे जमा कराने का दबाव बनाया गया। पीड़ित ने बताया कि ठगों के झांसे में आकर उसने अपनी पूरी जमा पूंजी के अलावा बैंक से लोन, बाजार से उधार और स्टॉक फंड तक का पैसा निवेश कर दिया। बैंक स्टेटमेंट के अनुसार 16 अलग-अलग ट्रांजैक्शन के माध्यम से कुल 40,00,919 रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए।
जब काफी प्रयास के बाद भी पैसे वापस नहीं मिले, तब युवक को अपने साथ हुई साइबर ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन और संबंधित बैंक में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर मोतिहारी साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पीड़ित के आवेदन पर राधिका चौधरी, पंकज ठाकुर, राजीव सिंह रालहन, शाह नूल अली, संत शरण, दानिश लियाकत शेख सहित गोकूल होटल, मुजावर इंटरप्राइजेज, एसएस इंटरप्राइजेज और एनएफ इंटरप्राइजेज को आरोपी बनाया गया है। पीड़ित का दावा है कि इन्हीं लोगों और संस्थाओं के बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए।
साइबर थाना के इंस्पेक्टर मनीष कुमार ने बताया कि मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, वेबसाइट और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिन खातों में रकम भेजी गई, वे महाराष्ट्र, असम, गुजरात, दिल्ली, गाजियाबाद और नासिक समेत विभिन्न राज्यों के बैंकों से जुड़े हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपितों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हिमांशु की रिपोर्ट