Bihar facebook love:थाईलैंड से मुंबई और फिर सीतामढ़ी में निकाह,8 साल का फेसबुक प्यार, जानें कैसे खुली रक्सौल बॉर्डर पर अवैध निकाह और जाली दस्तावेजों की पोल
थाईलैंड से मुंबई और फिर सीतामढ़ी में निकाह,8 साल का फेसबुक प्यार, शादी का झांसा और म्यांमार से बिहार तक का सफर, जानें कैसे खुली रक्सौल बॉर्डर पर अवैध निकाह और जाली दस्तावेजों की पोल
Bihar Facebook love:यह प्रेम कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी लगती है, लेकिन इसका अंत कानून के शिकंजे में हुआ है। एक तरफ म्यांमार की युवती और दूसरी तरफ बिहार का युवक—दोनों के बीच हजारों किलोमीटर की दूरी थी, जिसे फेसबुक ने मिटा दिया। हालांकि, प्यार के इस सफर में जब गैरकानूनी तरीके अपनाए गए, तो रक्सौल बॉर्डर पर एसएसबी और इमिग्रेशन अधिकारियों ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सीतामढ़ी के सद्दाम मंसूरी और म्यांमार की बूमा देवी के रूप में हुई है।
पूछताछ में यह बात सामने आई कि इस अनोखी प्रेम कहानी की शुरुआत साल 2018 में सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। मोहम्मद सद्दाम मंसूरी ने फेसबुक पर 'सोनू बाबू' नाम से एक प्रोफाइल बनाई थी। वहीं, म्यांमार की रहने वाली बूमा देवी ने 'अनुष्का बसनेत' के नाम से अपनी आईडी बना रखी थी।
शादी का प्रस्ताव: दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ और महज तीन महीनों के भीतर ही सद्दाम ने बूमा के सामने शादी का प्रस्ताव रख दिया, जिसे बूमा ने स्वीकार कर लिया। बाद में बूमा को सद्दाम के असली धर्म और पहचान का पता चला, लेकिन इसके बावजूद दोनों का रिश्ता जारी रहा।
प्यार को मुकम्मल करने के लिए बूमा देवी ने अक्टूबर 2022 में म्यांमार में अपना पासपोर्ट बनवाया। इसके बाद वह वीजा लेकर अक्टूबर 2023 में थाईलैंड के फुकेट शहर चली गई, जहां वह कलाश पर्वत नामक एक रेस्टोरेंट में काम करने लगी। इस दौरान सद्दाम भारत से उसे महंगे तोहफे और पैसे भेजता रहा।
योजना के मुताबिक बूमा ने भारत का वीजा लिया और 17 जनवरी 2026 को वह मुंबई एयरपोर्ट पहुंची। सद्दाम उसे वहां से रिसीव कर सूरत ले गया, जहां वह सिलाई का काम करता था। 10 दिन सूरत में बिताने के बाद, सद्दाम उसे बिहार के सीतामढ़ी जिले के मेजरगंज थाना क्षेत्र स्थित अपने गांव रघुनाथपुर ले आया। यहाँ 1 फरवरी 2026 को दोनों ने मुस्लिम रीति-रिवाज के साथ निकाह कर लिया।
पहचान बदलने की कोशिश और बॉर्डर पर गिरफ्तारी
निकाह के बाद सद्दाम ने कानूनी अड़चनों से बचने के लिए एक बड़ा खेल खेला। उसने गलत और जाली दस्तावेजों के सहारे अपनी विदेशी पत्नी का भारतीय पहचान पत्र बनवा दिया, जिसमें उसका नाम बदलकर अंजूम खातून दर्ज करा दिया गया। सद्दाम को लगा कि यह कार्ड बनते ही उसकी सारी कानूनी मुश्किलें खत्म हो गईं।
शादी के बाद दोनों कई बार अवैध रूप से नेपाल आते-जाते रहे। हाल ही में सद्दाम ने अपना पासपोर्ट भी बनवाया था और वह अपनी पत्नी को लेकर वापस थाईलैंड भागने की फिराक में था। लेकिन रक्सौल बॉर्डर पार करते समय सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें दबोच लिया। बिना उचित दस्तावेजों के सीमा पार करने और झूठी पहचान बताने के जुर्म में दोनों पर मामला दर्ज किया गया है। हरैया थानाध्यक्ष किशन कुमार पासवान ने बताया कि पुलिस हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है कि आखिर एक विदेशी नागरिक का भारतीय पहचान पत्र किस स्तर और किन फर्जी कागजातों के आधार पर बनाया गया।
रिपोर्ट- हिमांशु कुमार