Patna News: पटना में भू-माफिया का बोलबाला! आवास बोर्ड की जमीन पर धड़ल्ले से अवैध निर्माण, शिकायत लेकर पहुंचे इंजीनियर को थाने में किया गया घंटों टालमटोल

Patna News: पटना के राजीव नगर इलाके में एक बार फिर भू-माफिया की दबंगई और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

Land Mafia Raj in Patna Illegal Construction on Housing Land
पटना में भू-माफिया का बोलबाला! - फोटो : reporter

Patna News: पटना के राजीव नगर इलाके में एक बार फिर भू-माफिया की दबंगई और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आवास बोर्ड की जमीन पर खुलेआम चल रहे निर्माण कार्य की पोल उस वक्त खुली, जब आवास बोर्ड के सहायक अभियंता जियाउल हसन ने खुद मौके का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान उन्हें एक नहीं बल्कि तीन अलग-अलग जगहों पर अवैध निर्माण कार्य होते हुए मिला, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।

सहायक अभियंता के मुताबिक राजीव नगर थाना क्षेत्र के आशियाना-दीघा मेन रोड स्थित कोयला टाल के पास पश्चिम दिशा में एक मकान की छत ढलाई का काम तेजी से चल रहा था। वहीं कोयला टाल के उत्तर-पश्चिम दिशा में एक अन्य जगह पर सेंट्रिंग का काम भी जारी था। इतना ही नहीं, आशियाना-दीघा रोड पर ही एक दुकान में भी छत ढलाई का निर्माण कार्य किया जा रहा था। ये सभी निर्माण आवास बोर्ड की जमीन पर किए जा रहे थे, जिसे पूरी तरह अवैध बताया जा रहा है।

इस पूरे मामले को लेकर सहायक अभियंता जियाउल हसन लिखित शिकायत दर्ज कराने के लिए शुक्रवार को राजीव नगर थाना पहुंचे। लेकिन आरोप है कि वहां मौजूद थाने के मुंशी ने उन्हें करीब एक घंटे तक टालमटोल करते हुए इधर-उधर घुमाया। बताया जा रहा है कि शिकायत दर्ज करने के बजाय उनसे बार-बार प्राथमिकी में सुधार करने की बात कहकर मामला लटकाने की कोशिश की जाती रही। कहीं न कहीं सवाल उठता है कि थाने की मिली भगत से तो अवैध निर्माण नहीं हो रहा। आखिर सहायक अभियंता को केस दर्ज करने में एक घंटा क्यों लगा। सूचना के बाद तत्काल कार्रवाई के बदले गोल गोल मुंशी ने क्यों घूमाया।

हालांकि जब इस पूरे घटनाक्रम की खबर राजीव नगर थाना प्रभारी तक पहुंची, तो उन्होंने तुरंत संज्ञान लिया। इसके बाद मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई और अब पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि राजीव नगर इलाके में आवास बोर्ड की जमीन पर लंबे समय से भू-माफिया की नजर बनी हुई है। कई जगहों पर धीरे-धीरे कब्जा कर अवैध निर्माण खड़ा कर दिया जाता है। यही वजह है कि समय-समय पर ऐसे मामलों की शिकायत सामने आती रहती है।

फिलहाल प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लेकिन सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर भू-माफिया इतनी बेखौफी से सरकारी जमीन पर निर्माण कैसे कर लेते हैं और उन्हें किसका संरक्षण मिलता है।

रिपोर्ट- अनिल कुमार