Bihar Crime: किताब लेने निकली दसवीं की छात्रा का अता-पता नहीं, अरवल मोड़ के बाद लापता, तीन दिन से परिजनों की आंखों में बेकरारी और खौफ, गुमशुदगी या मानव तस्करी का खौफनाक जाल?

Bihar Crime:जहानाबाद के राजाबाजार इलाके से एक दसवीं की छात्रा के लापता होने की खबर ने पूरे शहर को सन्नाटे में डाल दिया है।...

Jahanabad Class 10 Girl Missing After Arwal Turn Trafficking
किताब लेने निकली दसवीं की छात्रा का अता-पता नहीं- फोटो : reporter

Bihar Crime: जहानाबाद के राजाबाजार इलाके से एक मासूम छात्रा के लापता होने की खबर ने पूरे शहर को सन्नाटे में डाल दिया है। दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली निक्की कुमारी बीते तीन दिनों से घर नहीं लौटी है। घर की चौखट पर टिकी मां की नजरें और पिता की बेबस आहें अब दुआ और दहशत के दरमियान झूल रही हैं।

परिजनों के मुताबिक 11 फरवरी की शाम निक्की सत्संग नगर से किताब लेने निकली थी। रास्ते में एक अंजान महिला ने दुर्घटना का हवाला देकर मदद मांगी और अरवल मोड़ तक छोड़ने की गुजारिश की। बेटी ने इंसानियत के नाते हामी भर दी। उसने दुकान से फोन लेकर घर पर इतला भी दी कि वह महिला को अरवल मोड़ तक छोड़कर लौट रही है। लेकिन उसके बाद से जैसे जमीन फट गई या आसमान निगल गया निक्की का कोई सुराग नहीं।

पिता की आवाज़ में दर्द साफ झलकता है “मेरी बेटी किताब लेने गई थी, उसे क्या मालूम था कि यह सफर खौफ में बदल जाएगा।” इस बाबत थाने में केस दर्ज कराई गई है। पुलिस जांच में जुटी होने की बात कह रही है, मगर तीन दिन बीत जाने के बावजूद कोई ठोस खबर सामने नहीं आई है।

परिजनों को किसी अनहोनी का अंदेशा सता रहा है। हर दस्तक पर दिल धड़क उठता है, हर फोन कॉल उम्मीद जगाता है और फिर मायूसी में बदल जाता है। मोहल्ले में भी बेचैनी का माहौल है। लोग दुआ कर रहे हैं कि निक्की सकुशल घर लौट आए। अब सबकी निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं कि कब इस गुमशुदगी के साए से सच की रोशनी निकलेगी।

बता दें जहानाबाद का राजाबाजार इलाका इस वक्त दहशत के साये में है। दसवीं की छात्रा निक्की कुमारी के बीते तीन दिनों से लापता होने की खबर ने पूरे शहर की नींद उड़ा दी है। पुलिसिया फाइलों में यह महज एक मिसिंग केस हो सकता है, लेकिन बिहार में आदमखोरों और जिस्म के सौदागरों के बढ़ते नेटवर्क को देखते हुए यह सन्नाटा किसी बड़े तूफान का प्रीतिबिंब लग रहा है।

हकीकत है कि बिहार के गलियारों में ऑर्केस्ट्रा अब सिर्फ मनोरंजन का जरिया नहीं, बल्कि मानव तस्करी का सबसे बड़ा अड्डा बन चुका है। साल 2025 के जून महीने तक के आंकड़े दिल दहला देने वाले हैं। बिहार पुलिस ने अब तक कुल 271 बेटियों को इन दरिंदों के चंगुल से आजाद कराया है।इनमें से 153 लड़कियों को नृत्य मंडली के नाम पर तस्करी कर लाया गया था।शेष 118 मासूमों को जबरन वेश्यावृत्ति के अंधेरे बाजार में धकेल दिया गया था।

अकेले सारण जिले में जनवरी से अब तक 162 लड़कियों को रेस्क्यू किया जा चुका है। जिला पुलिस और जेआरसी  के साझेदारों ने मार्च से जून के बीच 116 बच्चियों को इन 'भेड़ियों' के चंगुल से छुड़ाकर नई जिंदगी दी है। निक्की की बरामदगी अब सिर्फ पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि इस सिंडिकेट के खिलाफ एक बड़ी जंग है। क्या निक्की भी इसी खौफनाक तंत्र का शिकार हुई है, या वह महफूज है? शहर इसी सवाल के साथ 'खौफ' की चादर ओढ़े खामोश खड़ा है।

रिपोर्ट- रंजन कुमार सिंह